रामपुर। स्वार में उफनाई घूघा नदी का पुल पार करते समय सोमवार को पैर फिसलने से मझरा हसन गांव निवासी 22 वर्षीय इफ्तेखार नदी में बह गया। सूचना के बाद गोताखोर उसकी तलाश में जुट गए हैं। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान का जायजा लिया। रात तक युवक का सुराग नहीं लगा था।उत्तराखंड में हो रही लगातार बारिश के चलते घूघा नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी का पानी यहां बने पुल के ऊपर से बहने लगा। पुल पर घुटनों तक पानी बहने के बावजूद ग्रामीणों का आवागमन बराबर बना रहा। सोमवार को शाम लगभग साढ़े चार बजे मझरा हसन गांव निवासी इफ्तेखार पुत्र हामिद पैदल ही पुल से गुजर रहा था। तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तेजधार में बह गया। इस दौरान पुल के आसपास काफी तादाद में ग्रामीण मौजूद थे। वहां खड़े युवकों ने नदी में छलांग लगाकर युवक को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर तहसीलदार अवनींद्र कुमार शुक्ला मौके पर पहुंच गए। पेशेवर गोताखोरों को बुलाकर तलाश शुरू कराई। रात तक उसका सुराग नहीं लगा।
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आठ साल पहले पिता की हो चुकी मौत
इफ्तेखार के पिता की लगभग आठ साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में मां, चार भाई और दो बहनें हैं। परिवार निर्धन है और कच्चे घर में रह रहा है। इफ्तेखार बाहर रहकर कारपेंटर का काम करता है। एक भाई हेयर कटिंग सैलून पर काम करता है। कुछ दिन पहले ही वह गांव आया था। इफ्तेखार के नदी में बहने के बाद से परिजन बेहाल हैं।
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कई और नदियों का जलस्तर भी बढ़ा
घूघा नदी के अलावा पीलाखार और चिंघाड़ नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। सोमवार को कई गांवों का संपर्क तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय से कट गया है। लगभग 20 गांव इससे प्रभावित हो गए हैं। घूघा नदी में उफान आने से रुस्तमनगर निकट रायपुर और अब्बासनगर-हमीरपुर के बीच अस्थायी पुल घूघा में समा जाने से संपर्क पूरी तरह से टूटा हुआ है।
तहसीलदार ने गांव में डाला डेरा
नदी में युवक के बह जाने की सूचना मिलते ही तहसीलदार अवनींद्र कुमार शुक्ला मातहतों को साथ लेकर मझरा हसन गांव पहुंच गए। अपनी देखरेख में रेस्क्यू करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू प्रभावित हुआ है। इसके अलावा पुल पर आवागमन रोकने के लिए बेरिकेडिंग कराई जा रही है। घूघा, पीलाखार और चिंघाड़ नदियों में उफान आने के कारण बच्चों को नदियों के आसपास न जाने देने की अपील की गई है। धार्मिक स्थलों से भी मुनादी कराई गई है कि बच्चों को नदी-नालों के पास न जाने दें ताकि किसी भी दुर्घटना से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।