बिलासपुर। पति की मृत्यु के बाद अपने ननदोई से प्रेम विवाह करने में बाधक बन रही ननद की गला घोंटकर हत्या के मामले में ननदोई का सहयोग करने वाली महिला को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नामजद आरोपी महिला ननद की हत्या के बाद अपने मायके में जाकर रहने लगी थी।
कोतवाली प्रभारी जीत सिंह ने बताया कि 13 अगस्त को उधम सिंह नगर जिले के थाना किलाखेड़ा के गांव बलवारा निवासी चंद्रपाल ने कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा था कि उसने अपनी बहन राजकुमारी की शादी करीब चार साल पहले सैफनी थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा कलां निवासी शिवम सैनी से की थी। उनका तीन साल का एक बेटा भी है। शादी के बाद शिवम अपनी पत्नी राजकुमारी व पुत्र के साथ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम टैमरा में किराए का मकान लेकर रहने लगा और स्वयं एक फैक्ट्री में काम करने लगा था।
करीब तीन माह पहले चंद्रपाल के बड़े भाई रवि की मृत्यु हो गई। आरोप है कि इसके बाद शिवम ने रवि की पत्नी सुनीता से नजदीकियां बढ़ा लीं और वह उसे ग्राम टैमरा स्थित अपने आवास पर ले आया था। वह सुनीता से शादी करना चाहता था, जिसका विरोध राजकुमारी कर रही थी। पांच अगस्त को राजकुमारी का शव टैमरा स्थित कमरे में रस्सी पर लटकता पाया गया। साक्ष्य मिटाने की नीयत से शिवम राजकुमारी का शव और घरेलू सामान लेकर रात में ही कार से अपने गांव चला गया और मामले की सूचना मृतका के मायके वालों को दी। सैफनी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। कोतवाली में शिवम सैनी व सुनीता के खिलाफ हत्या आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस आरोपी शिवम को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सीओ हर्षिता सिंह ने बताया कि बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी सुनीता को टैमरा गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में हत्यारोपी सुनीता ने पुलिस को बताया कि वह शिवम से शादी करना चाहती थी, जिसमें राजकुमारी बाधक बन रही थी। इसलिए उसने राजकुमारी को रास्ते से हटाने में शिवम की मदद की।