रामपुर। मौसम विभाग ने रविवार को बारिश होने की चेतावनी पहले से ही दे रखी थी। इसके बाद भी जिले के सभी किसान गेहूं की तैयार फसल की कटाई नहीं कर सके। किसी को मजदूर नहीं मिले तो कहीं कंबाइन। वजह जो भी रही हो, लेकिन नुकसान किसानों को उठाना पड़ा। कई इलाकों में खेतों में खड़ी गेहूं की तैयार फसल खराब हो गई। तेज बारिश की वजह से फसल गिर भी गई। बारिश की वजह से गेहूं का दाना पड़ सकता है और नमी की मात्रा अधिक होने से रेट भी कम मिलेगा।
जिले में रबी सीजन के दौरान 1,49,665 हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बुआई हुई थी। कुल उत्पादन 6,58,376 मीट्रिक टन आंका गया है। गेहूं की कटाई तो वैसे अप्रैल माह के पहले सप्ताह से चल रही है, लेकिन इसकी सरकारी खरीद 15 अप्रैल से शुरू हुई है। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य एक लाख 59 मीट्रिक टन का है। शनिवार तक 14,900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो जिले में लगे 85 फीसदी रकबे में लगी गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि जिले में गेहूं की सात से दस फीसदी तक फसल प्रभावित हो सकती है। अगर दस फीसदी तक भी फसल खराब हुई है तो इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। क्योंकि बारिश की वजह से गेहूं का दाना काला पड़ सकता है उसमें नमी की मात्रा बढ़ जाएगी। ऐसे में खरीद एजेंसियां निर्धारित मानकों का हवाला देकर गेहूं को रिजेक्ट कर देंगी या फिर पूरा मूल्य नहीं मिलेगा।