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Rampur News: भारी बारिश से रझेड़ा नदी का जल स्तर बढ़ा

Thu, 05 Sep 2024 04:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। बुधवार का रामपुर शहर से लेकर देहात के क्षेत्रों में भारी हई। जिससे शहर जलमग्न हो गया, वहीं पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश के कारण शाहबाद क्षेत्र की रझेड़ा नदी का जल स्तर बढ़ गया है। जिसकी वजह से यहां बनाया गया रपटा (पुलिया) बह गई, जिसकी वजह से यहां पर कई गांवों का संपर्क टूट गया है। फिलहाल यहां जाने वाले वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया है।
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शाहबाद क्षेत्र में रामगंगा और गांगन नदी कटान कर रही है। इन नदियों का पानी सैफनी को जो़ड़ने वाली रझेड़ा नदी में जाकर मिल गया है। रझेड़ा नदी में पानी ज्यादा होने की वजह से यहां पूर्व निर्मित रपटा (पुलिया) बह गई है, जिसके बाद यहां आवागमन बंद हो गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गौरव सिंह ते बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से रपटे का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसके फलस्वरूप भईया नगला, भईया नगला-2, चन्द्रपुर खुर्द आदि गांवों का आवागमन रौण्डा-झौंडा चौराहे से चंद्रपुर कला से सैफनी की ओर से किया जाएगा।


बारिश से 36 गांवों की बिजली व पानी आपूर्ति ठप
मसवासी। हाईटेंशन लाइन में ब्रेकडाउन से मसवासी नगर सहित 36 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न आने से नगर की पेयजल आपूर्ति भी बाधित होकर रह गई है।
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बुधवार को मामूली बारिश और हवा के बीच टांडा से दढ़ियाल के बीच हाईटेंशन लाइन में ब्रेकडाउन हो गया। इस कारण मसवासी नगर समेत बिजारखाता, खौद शरीफ, खानपुर उत्तरी, नानकार रानी, आरसल-पार्सल, चाऊपुरा, भूबरा, सीतारामपुर, अलीगंज, कुंदनपुर, धर्मपुर उत्तरी, मजरा खुशहालपुर, किशनपुर मौलागढ़, हसनपुर उत्तरी, मंसूरपुर, सेमरा लाड़पुर, घोसीपुरा, पट्टीकलां, करीमपुर, मिलक नौखरीद, कुंदनपुर, शेखूपुरा और बड़ापुरा समेत 36 गांवों की बिजली आपूर्ति बीते 8 घंटे से बाधित है। बिजली न आने से क्षेत्रवासियों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 33 हजार केवी लाइन में हुए ब्रेकडाउन से बिजली कर्मी भी हलकान है। ब्रेकडाउन तलाश करने के लिए लाइन पर पेट्रोलिंग की जा रही है। कई लाइनमैन को मौके पर भेजा गया है लेकिन लाइन का ब्रेकडाउन अभी तक दूर नहीं किया जा सका है। कस्बे की बिजली आपूर्ति पर निर्भर पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। बिजली विभाग के जेई सतेंद्र यादव ने बताया कि कार्य प्रगति पर है, शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु कर दी जायेगी।
बारिश से केमरी में राइस मिल का फड़ धंसा
केमरी। कई दिनों से तपिश के बाद बुधवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब दो घंटे हुई बारिश से लोगों ने राहत महसूस की।
केमरी क्षेत्र में बारिश के चलते एक राइस मिल परिसर में बना फड़ अंदर की ओर धंस गया व फड़ से सटी दीवार अलग हो गयी। केमरी क्षेत्र के ग्राम मुडियां कलां स्थित हिंजा राइस मिल स्वामी सोहिल अली ने बताया कि बारिश होने की वजह से मिल के अंदर बना फड़ अंदर की तरफ धंस गया व कुछ हिस्सा टूटकर गिर भी गया है। फड़ के टूटने से बराबर में ख़डी दीवार भी फड़ से अलग हो गयी है। सोहिल ने बताया कि मिल के बराबर में एक गड्डे में पानी जमा होने से पानी अंदर की तरफ आने का खतरा बढ़ गया है जिससे मिल की दीवार गिर सकती है।
टांडा में बारिश से हुए जलभराव से लोग हुए परेशान
टांडा। बुधवार सुबह से देर शाम तक हुई बारिश से मार में जल भराव ने लोगों को परेशान कर दिया। वहीं बार बार लाइट के आने और जाने से लोग परेशान रहे। नगर के मोहल्ला पड़ाव, हाजीपुरा, बरगद और भब्बलपुरी समेत अन्य मोहल्लों में जलभराव होने पर पानी लोगों के घर में घुस गया। सुबह होने पर बारिश के बीच ही पालिकाध्यक्ष साहिबा सरफराज और सरफराज आलम ने कर्मियों के साथ नगर के निरीक्षण के लिए निकले और उन्होंने कर्मियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि नगर में जलभराव की समस्या को खत्म किया जाए। कर्मी हर हाल में नगर में व्यापक अभियान चला कर सफाई करे और नालों में ओवरफ्लो ना होने पाए। इस दौरान धनीराम सैनी, शुभम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बारिश के दौरान गिरा कच्चा मकान
शाहबाद। उमस भरी गर्मी के बीच हुई झमाझम बारिश से मौसम बदलते ही लोगों को राहत मिला गई। लेकिन एक किसान का मकान गिर गया।
मंगलवार देर रात और बुधवार दिन में हुई झमाझम बारिश के कारण अनवा गांव निवासी किसान तीरथराम का कच्चा मकान गिर पड़ा। किसान के अनुसार कच्चा मकान गिराऊ था। पहले ही किसान अपने परिवार को लेकर हट गया था। लेकिन किसान का समान रहा गया था। कच्चे मकान का सारा मलबा भरभराकर सामान के ऊपर गिर गया और सामान दब गया। किसान के अनुसार उसके खाने-पीने का राशन, बर्तन और कपड़े भी दब गए। हालांकि ग्रामीणों ने उस किसान को दूसरे स्थान पर स्थापित करवा दिया। किसान के अनुसार उसका करीब पचास से अधिक का नुकसान हुआ है।
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