जलस्तर बढ़ने का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा जिसे देखकर नगर सहित क्षेत्र के रामपुर धम्मन, अकबराबाद, घोसीपुरा, मिलक सिटला और महुआखेड़ा आदि ग्रामों के किसानों की धड़कनें बढ़ने लगी। किसानों को पिछले वर्ष अक्तूबर माह में कोसी नदी में आई बाढ़ याद आने लगी जिसमें बड़े पैमाने पर किसानों की गन्ने और धान की फसल नष्ट हो गई थी। हालांकि दोपहर बाद कोसी नदी का जलस्तर कम होने पर किसानों ने राहत की सांस ली।सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नितिन कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में बारिश के चलते रविवार को रामनगर बैराज से 9821 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया।
दढ़ियाल। उत्तराखंड में बारिश के चलते कोसी नदी में रामनगर बैराज से 9821 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे रविवार को दढ़ियाल में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका के चलते स्थानीय किसानों की चिंता भी बढ़ गई।
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पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड और यूपी में बरसात का सिलसिला जारी है शनिवार को दिन में हल्की बूंदाबांदी के बाद रात को यूपी और उत्तराखंड के क्षेत्रों में तेज बारिश हुई जिससे रविवार की सुबह नगर से सटकर बहने वाली कोसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा जिसे देखकर नगर सहित क्षेत्र के रामपुर धम्मन, अकबराबाद, घोसीपुरा, मिलक सिटला और महुआखेड़ा आदि ग्रामों के किसानों की धड़कनें बढ़ने लगी। किसानों को पिछले वर्ष अक्तूबर माह में कोसी नदी में आई बाढ़ याद आने लगी जिसमें बड़े पैमाने पर किसानों की गन्ने और धान की फसल नष्ट हो गई थी। हालांकि दोपहर बाद कोसी नदी का जलस्तर कम होने पर किसानों ने राहत की सांस ली।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नितिन कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में बारिश के चलते रविवार को रामनगर बैराज से 9821 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया। फिलहाल बाढ़ की कोई संभावना नहीं है।