रामपुर। शत्रु संपत्ति की जमीन को खुदबुर्द करने के आरोप में दर्ज मुकदमे में वारंट जारी होने के बाद शिया सुन्नी वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी शुक्रवार को कोर्ट पहुंचे। कोर्ट पहुंचकर उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से वारंट वापस कराने का प्रार्थनापत्र दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनका प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी।
शत्रु संपत्ति की जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करके उसे जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने के आरोप में 2019 में अजीमनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें सपा नेता आजम खां, डॉ. तजीन फात्मा, अब्दुल्ला आजम, मसूद गुड्डू, मोहम्मद फसीह जैदी, सैय्यद रहमान हुसैन जैदी और वसीम रिजवी सहित 15 लोगों को आरोपी बनाया गया था। पिछले दिनों कोर्ट ने वसीम रिजवी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। जिस पर शुक्रवार को वो कोर्ट में पेश हुए और अपने अधिवक्ता के माध्यम से वारंटी वापस कराने का प्रार्थनापत्र दिया। वसीम रिजवी के अधिवक्ता विनीत चौधरी के मुताबिक कोर्ट ने प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी।