रामपुर। रिश्वत मांगने के आरोप में फंसे दरोगा और बैंक अधिकारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
मिलक निवासी मंगल सेन रिटार्यड फौजी हैं और दिव्यांग हैं। उनका आरोप है कि वह 12 मार्च 2014 को मिलक की भूमि विकास बैंक शाखा में लोन के लिए नो ड्यूज कराने गए थे। नो ड्यूज के नाम पर उनसे दो सौ रुपए की रसीद कटाने को कहा। आरोप है कि पांच सौ रुपये देने के बाद न तो उन्हें बाकी तीन सौ रुपये वापस किए गए और न ही रसीद पर बैंक की मोहर लगाई गई। इस दौरान शिकायत करने पर शाखा प्रबंधक बंशीधर, फील्ड आफिसर अखिलेश चंद्र सक्सेना, कैशियर अवनीश शर्मा और लिपिक अनुतोष तिवारी ने अभद्रता करते हुए गालियां देते हुए धक्के मारकर बैंक से बाहर निकाल दिया। बाद में वो शिकायत करने मिलक कोतवाली गए। वहां मौजूद एसएसआई ने रिपोर्ट लिखने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। मना करने पर उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया और उनकी जेब में रखे पांच हजार रुपये निकाल लिए। जिसके बाद उन्होंने न्यायालय में परिवाद के लिए प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने उनके प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया था। बाद में न्यायालय ने सभी आरोपियों को तलब किया था। आरोपी तारीखों पर नहीं आ रहे थे। इस पर अदालत ने सभी के गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।