रामपुर। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के परिषदीय स्कूल में शिक्षिका से हुई छेड़खानी के आरोप में फंसे प्रधानाध्यापक के मामले में बृहस्पतिवार को ग्रामीण व अभिभावकों ने मुरादाबाद पहुंचकर मंडलीय टीम के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। करीब 150 अभिभावकों की ओर से शपथपत्र भी दाखिल किए गए।12 अप्रैल को कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के परिषदीय स्कूल में शिक्षिकाओं और प्रधानाध्यापक के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान शिक्षिकाओं ने प्रधानाध्यापक पर छेड़खानी व अश्लील हरकत करने के आरोप भी लगाए थे। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ था और बाद में एक शिक्षिका ने कोतवाली में प्रधानाध्यापक के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
मामले को उच्च अधिकारियों ने भी गंभीरता से लिया और डीएम ने भी घटना की जांच कराई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित भी कर दिया था। बाद में शिक्षिकाओं ने मुरादाबाद पहुंचकर मंडलायुक्त से भी मामले की शिकायत की और निष्पक्ष जांच करने की मांग की थी। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने अपर आयुक्त द्वितीय सर्वेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मंडल स्तरीय पांच सदस्यीय एक टीम जांच करने के लिए गठित की थी।
एक मई को टीम गांव के विद्यालय पहुंची मंडल स्तरीय जांच कमेटी ने मामले की जांच की थी। उन्होंने 19 शिक्षक, कर्मियों व ग्राम प्रधान आदि के बयान दर्ज किए थे। अपर आयुक्त ने कहा था कि जो ग्रामीण या कोई अन्य अपना बयान देना चाहता है तो वह दो मई को मुरादाबाद आकर उनके कार्यालय में कमेटी के समक्ष अपने बयान दर्ज करा सकता है।
बृहस्पतिवार की सुबह गांव से प्रधान पुत्र विधान किरतुनिया के नेतृत्व में छह सदस्यीय लोगों की एक टीम मुरादाबाद के लिए रवाना हुई। ग्रामीणों के अनुसार टीम में प्रधान पुत्र विधान किरतुनिया, पूर्व ग्राम प्रधान मधु व्रत राय, क्षेत्र पंचायत सदस्य मीरा घटक, मुकेश कुमार, अमित राय मुरादाबाद में कमेटी के समक्ष पहुंचे। उन्होंने अपने गोपनीय बयान दर्ज कराए।
इसके अलावा 150 अभिभावकों की ओर से शपथपत्र भी जांच कमेटी को दिए गए और अनुरोध किया गया कि उक्त शपथपत्रों को भी जांच में सम्मिलित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जांच कमेटी और मंडलायुक्त पर पूरा भरोसा है कि वह विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए सभी फैसला करेंगे।