रामपुर। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना कि घर से निकलते समय गर्मी से बचाव के इंतजाम करके निकलें। जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों के अनुुसार हीट स्ट्रोक गर्मी से होने वाली सबसे गंभीर बीमारी है। यह तब होता है जब शरीर तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है। शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने पर हीट स्ट्रोक होता है। इस समय लू के थपेड़े और गर्मी में तेज तपिश बढ़ रही है। ऐसे में चिकित्सकों ने इस मौसम में कम से कम बाहर निकलने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि तेज धूप में निकलने से पहले खुद को तैयार कर लें। पानी का सेवन करने के साथ धूप से बचने के लिए छाता लेकर चलें।
थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें। खाना कम खाएं और तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। शीतल पेय पदार्थों से खुद को ठंडा रखने का प्रयास करें। खुले में रखे कटे फल बिल्कुल न खाएं, इससे पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण: चक्कर आना, सिर घूमना व उल्टी होना, बेचैनी और घबराहट होना, त्वचा गर्म होना, धड़कन तेज होना, सांस लेने में परेशानी, दौरे पड़ना, बेहोश होना।
हीट स्ट्रोक से बचाव
घर से बाहर निकलते समय दो गिलास पानी पीयें। नारियल पानी, नींबू, दही लस्सी, सत्तु का सेवन करें। मौसमी फल तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा आदि का सेवन करें। धूप में निकलते समय छाता जरूर लगाएं या सिर को गमछे आदि से ढककर चलें। सुबह-शाम हल्का सुपाच्य भोजन लें। बाजार में कटे फलों का सेवन न करें। लू लगने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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गर्मी और गर्म हवाओं के चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इससे सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को इस समय अपनी डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। - डॉ. दशरथ सिंह, एसीएमओ, जिला अस्पताल, रामपुर