भोट। खेतों से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किए जाने के दौरान ओवरलोड डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रास्ते खराब होने और गांव में धूल उड़ने से परेशान ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू अंबावता पदाधिकारियों ने घोषणा करते हुए कहा कि खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाले लेखपालों को सम्मानित किया जाएगा।
सोमवार को पत्थरखेड़ा गांव में अवैध खनन से परेशान तमाम ग्रामीण भाकियू अंबावता के बैनर तले साप्ताहिक बाजार स्थल पर एकत्र हुए और एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए भाकियू अंबावता के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी ने कहा कि खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। अवैध खनन से गांव के रास्ते खराब हो रहे हैं। धूल से गांव की गलियों में निकलना दूभर हो गया है। ऑनलाइन परमीशन की जांच में राजस्व अधिकारियों को चार-चार दिन कैसे लग रहे हैं यह सोचने की बात है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक माह पूर्व भी क्षेत्र के पेमपुर गांव के लेखपाल द्वारा अवैध खनन करती पकड़ी गई चार ट्रैक्टर ट्रॉलियों और एक जेसीबी मशीन को राजस्व अधिकारियों के आदेश पर चार दिन तक थाने में खड़ा रखने के बाद बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया था। इस दौरान कहा कि तहसील सदर के अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ 13 जुलाई को जिलाधिकारी से वार्ता कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा। इस दौरान गुड्डू, डॉ. दयाशंकर, शाकिर अली, आरिफ, सफीक अहमद, रिजवान, राजू, आकाश यादव, रिफाकत अली, सगीर अहमद, मोहम्मद रफीक, इंसान अली, हाजी शराफत, नवी जान, गौरव चौधरी, अखिलेश शर्मा, रामवीर, जानकी प्रसाद आदि मौजूद रहे।