रामपुर। जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष ने सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके बाद बैठक की कार्यवाही शुरू की गई, लेकिन कुछ देर बाद ही सपा समर्थित सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर आ गए। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही कहा कि वे तब तक बैठक में शामिल नहीं होंगे, जब तक कि प्रशासन की ओर से जिला पंचायत सदस्यों और उनके परिजनों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस नहीं हो जातीं। साथ ही अध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण करने से पहले निकाले गए टेंडरों को लेकर भी सवाल खड़े किए।
सोमवार को दोपहर दो बजे से जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक हुई। अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी ने सबसे पहले सभी निर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। हालांकि, एक जिला पंचायत सदस्य इस समय जेल में बंद हैं, जिस वजह से उनकी शपथ नहीं हो सकी। इसके बाद सभी सदस्यों को बैठक का एजेंडा दिया गया। पहली बैठक के एजेंडे में दो बिंदु शामिल थे, जिसमें जिला पंचायत की समितियों के गठन पर विचार करना और अध्यक्ष की अनुमति से अन्य प्रस्ताव रखे जाने थे। चर्चा चल ही रही थी कि इस बीच अचानक सपा समर्थित सदस्य बैठक का बहिष्कार करते हुए बाहर आ गए। वार्ड चार से जिला पंचायत सदस्य अमरजीत सिंह का कहना था कि अध्यक्ष के चुनाव में धांधली हुई है। हमारे पास 19 सदस्यों का समर्थन है, लेकिन इसके बाद भी हमें गलत तरीके से हरा दिया। ऐसे में बैठक का बहिष्कार किया जाता है। बोले आज की बैठक अवैध मानी जाएगी, क्योंकि हमारे आने के बाद कोरम तक पूरा नहीं हो सका है। साथ ही कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही जिला पंचायत सदस्यों व उनके परिजनों के खिलाफ जो कार्रवाई की गई हैं, उन्हें वापस कराया जाए। जब तक ये कार्रवाई वापस नहीं होंगी, तब बैठक में शामिल नहीं हुआ जाएगा। साथ ही आरोप लगाया कि जिला पंचायत ने अध्यक्ष के शपथ लेने से पहले ही करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के टेंडर निकाल दिए हैं, जो कि गलत है। इन टेंडरों को भी निरस्त कराया जाए।
हमारे सदस्य तब तक बैठक में शामिल नहीं होंगे, जब तक प्रशासन सदस्यों एवं उनके परिजनों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई को वापस नहीं ले लेता। उन्होंने 18 सदस्यों का समर्थन होने का दावा भी किया।
- अखिलेश कुमार गंगवार, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी, रामपुर
यदि सपा के सदस्यों को बैठक का बहिष्कार करना था तो पहले ही करते। दो घंटे तक बैठक चली, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। हमने सपा के सदस्यों से प्रस्ताव देने के लिए कहा था, लेकिन सदस्यों ने अपने क्षेत्र के प्रस्ताव देने से ही मना कर दिया। बैठक का कोरम पूरा था। बैठक की कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई गई है, जिसमें उनके सभी सदस्य नजर आ रहे हैं। बैठक का कोई बहिष्कार नहीं किया गया है।
- ख्यालीराम लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष, रामपुर