सैफनी क्षेत्र के एक गांव में सादी वर्दी में खेत में बैठे सिपाहियों को लोगों ने बच्चा चोर समझकर मारपीट शुरू कर दी। हालांकि लोगों को जब पता चला कि वो सिपाही हैं तो उनको छोड़ दिया। पुलिस मारपीट की घटना से इनकार कर रही है। पुलिस ने गांव के दो युवकों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की है।
बैरुआ गांव में बृहस्पतिवार की सुबह एक युवक अपने घर के सामने खेतों में पशु चरा रहा था। उसने तीन लोगों को खेत में बैठे देखा। यह देखकर वह घबरा गया और उसने बच्चा का शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए और सादी वर्दी में गए सिपाहियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। जैसे ही लोगों को पता लगा कि वह थाने के सिपाही हैं तो वो पीछे हट गए।
सूचना पाकर थाने से पुलिस पहुंच गई। पुलिस अपने साथ दो युवकों को थाने ले आई और उनके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की है। हालांकि थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह सोलंकी ने मारपीट होने की घटना से इनकार किया है। उनका कहना है कि बृहस्पतिवार की सुबह बैरुआ गांव में गौकशी की सूचना पर तीन सिपाही आरोपियों की धरपकड़ के लिए गए थे। जिस आरोपी को पकड़ना था वह भी हाथ से निकल गया।