सवारियों को बैठाकर ले जाता ई-रिक्शा चालक।
जिले भर में अपंजीकृत ई-रिक्शा यातायात नियमों का उल्लंघन कर हादसे को न्यौता देते हुए दौड़ रहे हैं। इन पर कार्रवाई को लेकर पुलिस और परिवहन विभाग के अफसर गंभीर नहीं है। जिससे लोगों में भी रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि वाहन चेकिंग के नाम पर मामूली कमी पर भी दोपहिया वाहनों का चालान कर दिया जाता है।
लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले में करीब चार हजार से अधिक ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। जबकि इनमें से महज 481 ई-रिक्शा का ही एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण है। इसके अलावा सभी ई-रिक्शा अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।
इनमें से करीब सत्तर फीसदी से अधिक ई-रिक्शा संचालक चाहे भी तो पंजीकरण नहीं करा सकते हैं, क्योंकि यह अधिकृत निर्माता द्वारा मानकों के अनुसार नहीं बनाए गए हैं।