रामपुर। किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में चाचा को कोर्ट ने 20 साल कैद व एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इस मामले में गर्भपात कराने वाली महिला को बरी कर दिया गया है।
यह मामला पटवाई थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाले व्यक्ति ने पटवाई थाने में चार अगस्त 2024 को मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा था कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। उसकी 16 साल की बेटी है। गांव में रहने वाले चचेरे भाई ने उसकी बेटी से संबंध बना लिए और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। बेटी गर्भवती हो गई। तब उसे एक झोलाछाप महिला डाॅक्टर के यहां ले जाकर गर्भपात करा दिया। इससे बेटी की हालत बिगड़ गई। तब इसके बारे में जानकारी हुई। बेटी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया और उसका सही इलाज कराया गया।
चार अगस्त 2024 को पुलिस ने युवक संजीव उर्फ पप्पू और झोलाछाप महिला चिकित्सक बब्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने एक माह में जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने तीन माह में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजन सुमित शर्मा के अनुसार विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट रामगोपाल सिंह ने युवक संजीव को दोषी मानते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। बब्ली को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में दस साल की कैद
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में कोर्ट ने युवक को 10 साल कैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये जुर्माना डाला है। घटना स्वार कोतवाली क्षेत्र की है। यहां रहने वाली एक किशोरी ने 24 नवंबर 2021 को स्वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि मोतीपुरा गांव निवासी सुनील ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में शादी करने से मना करने लगा। दबाव बनाने पर उसे धमकाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। जांच पूरी कर आरोपी युवक के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश रामगोपाल सिंह के न्यायालय में हुई। विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने युवक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।