रामपुर। गंज क्षेत्र में तीन सौ रुपये की खातिर युवक दानिश की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
मामला गंज थाना क्षेत्र की चपटा कॉलोनी का है। चपटा कॉलोनी निवासी इमरान ने पांच जनवरी 2000 को गंज थाने में चपटा कॉलोनी निवासी यासीन, उसके बेटे रईस व दोस्त अहमद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
उसका कहना था कि उसने चार माह पहले यासीन से बिजली का बोर्ड बनवाया था। उस वक्त तो उसने रुपये नहीं मांगे लेकिन चार माह बाद उसने अहमद के जरिए उससे रुपये की मांग की। इसी बात को लेकर विवाद हुआ।
बताते हैं कि आरोपी बिजली का बोर्ड बनाने को लेकर तीन सौ रुपये मांग रहे थे। इसी विवाद के चलते तीनों उसके घर पहुंचे और घर के बाहर खड़े उसके भाई दानिश को घेर लिया और उससे विवाद करने लगे।
आरोप है कि इस दौरान दानिश की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया और फिर इस मामले में यासीन और अहमद के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। रईस का नाम चार्जशीट से हटा दिया गया। कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कुमार सौरभ ने गवाहों को पेश किया। साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को रंजिश के आधार पर फंसाया गया है।
एडीजीसी के अनुसार, इस मामले में एडीजे एफटीसी प्रथम कुलदीप कुमार की कोर्ट ने आरोपी यासीन और अहमद को दोषी मानते हुए दोनों को सश्रम आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।