रामपुर। स्वार कोतवाली क्षेत्र में 12 साल पहले दहेज के लिए विवाहिता की जहर देकर हत्या करने के मामले में दोषी पति और उसके मामा को बुधवार को कोर्ट ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 16-16 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।मामला क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव का है। गांव निवासी कंवलजीत की शादी उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के काशीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर लच्छी निवासी मस्सा सिंह की बेटी सर्वजीत कौर के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में पांच लाख रुपये और बोलेरो का न मिलने पर 26 अक्तूबर 2011 को सर्वजीत कौर की जहर देकर हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता ने स्वार कोतवाली में पति समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान मृतका की सास बलवीर कौर और देवर सोनी की मौत हो गई।
बुधवार को इस मामले की सुनवाई एडीजे द्वितीय विजय कुमार की कोर्ट में हुई। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रमोद सागर ने वादी मुकदमा समेत कई गवाहों के बयान दर्ज कराए और कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है इसलिए आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने विवाहिता के पति कंवलजीत और स्वार के नौ खरीद गांव निवासी मामा ऋषिपाल सिंह उर्फ रक्षपाल सिंह को 10-10 साल की सजा सुनाई। दोनों पर 16-16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।