रामपुर। सपा नेता आजम खां पर दर्ज एक और मामले में 31 जनवरी को फैसला आ सकता है। यह मामला डूंगरपुर बस्ती में घर में घुसकर मारपीट व डकैती और आपराधिक षड्यंत्र रचने का है। बुधवार को इस मामले में सेशन कोर्ट ने सपा नेता के अधिवक्ता का स्थगन प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए आदेश दिया है कि 30 जनवरी तक अपना पक्ष रख सकते हैं। कोर्ट ने सपा नेता आजम खां और पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को जेल से 31 जनवरी को तलब कर लिया है। कोर्ट 31 जनवरी को अपना फैसला सुना सकती है।गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के 12 मुकदमे वर्ष 2019 में दर्ज हुए थे। इनमें सपा के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फिरोज खां, रानू खां, धर्मेंद्र चौहान, फसाहत अली खां शानू व आजम खां आरोपी हैं। इस मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सपा नेता के अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि सपा नेता के अधिवक्ता 30 जनवरी तक अपना पक्ष कोर्ट में रख सकते हैं। 31 जनवरी को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुमार सौरभ ने बताया कि बुधवार को बचाव पक्ष की बहस होनी थी, जिसमें सपा नेता के अधिवक्ता ने स्थगन प्रार्थना पत्र दिया, जिसे खारिज कर दिया गया। कोर्ट 31 जनवरी को इस मामले में अपना फैसला सुना सकती है। कोर्ट ने सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां और बिजनौर जेल में बंद पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को व्यक्तिगत तौर पर तलब किया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान दोनों ही नेता जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े।
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अब्दुल्ला के दो पैनकार्ड मामले में अब सुनवाई 30 को
रामपुर। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 जनवरी तय कर दी। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला के खिलाफ दो पैनकार्ड रखने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। संवाद