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भूमि विवाद में दूध विक्रेता की हत्या के आरोप में तीन गिरफ्तार

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रामपुर। भूमि विवाद की रंजिश में मंगलवार की सुबह एक पक्ष के लोगों ने दूध विक्रेता को रास्ते में घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी थी। सूचना पर दूध विक्रेता के परिजन भी मौके पर पहुंच गए तो उनसे भी लाठी-डंडों से मारपीट कर पथराव शुरू कर दिया था। हमले में दूध विक्रेता की मौत हो गई जबकि तीन महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर शव का पोस्टमार्टम कराया था। इस दौरान पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले जाते समय परिजनों ने शव के वाहन को गांधी समाधि के पास रोककर हंगामा किया था। इसके साथ ही पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार तीनों को जेल भेज दिया गया है।
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शहजादनगर थाना क्षेत्र के हरजीपुर गांव निवासी रमेश (37) ने गांव के ही कृष्णपाल से करीब दस साल पहले करीब ढाई सौ गज भूमि खरीदी थी। आरोप था कि तभी से कृष्णपाल के भाई पूरन सिंह उससे रंजिश मानने लगे। रमेश को भूमि पर कब्जा ही नहीं देने की बात कहते हुए पहले भी विवाद किया जा चुका है। इस बीच मंगलवार सुबह साढे आठ बजे रमेश दूध लेकर घर आ रहे थे तो पूरन सिंह ने सात-आठ अन्य लोगों के साथ मिलकर रमेश को रोक लिया और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी थी। आरोपियों के पास तमंचे होने का भी पीड़ितों ने आरोप लगाया था। हालांकि फायरिंग नहीं की गई। इस बीच सूचना पर रमेश के अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की दी थी। इस मारपीट में रमेश की मौत हो गई जबकि, सात लोग घायल हो गए थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। इस बीच मंगलवार शाम को परिजन शव का पीएम कराकर घर लेकर जा रहे थे। इस बीच परिजनों ने शव को कोतवाली क्षेत्र स्थित गांधी समाधि पर रोककर हंगामा किया था। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों के घरों को ध्वस्त करने के साथ ही आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को करीब एक घंटे बाद समझाकर शव को घर के लिए भिजवाया था। शव घर पहुंचने पर मंगलवार रात को नौ बजे के आसपास शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, पुलिस ने रमेश के बेटे अर्जुन की तहरीर के आधार पर पूरन सिंह, सुनील, यशपाल, राजा उर्फ सुरजन, धर्मपाल, पुष्पेंद्र, कुलदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में पूरन सिंह, सुनील और पुष्पेंद्र सिंह को नगली भगवंत गांव की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। शहजादनगर थाना प्रभारी शरद पंवार ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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