शाहबाद। बारिश शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। शाहबाद क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में 24 घंटे के भीतर एक बालक समेत तीन लोगों को सांप ने डस लिया। परिजनों की सतर्कता और समय पर सीएचसी पहुंचने से तीनों की जान बच गई।
बृहस्पतिवार सुबह हिम्मतपुर गांव निवासी किसान मोहम्मद रफीक खेत की मेड़ की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा एक सांप उनके हाथ पर लिपट गया और उन्हें डंस लिया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन बिना देर किए उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने तुरंत एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार शुरू किया।
वहीं, बुधवार रात करेथी गांव निवासी रामपाल (60) को भी सांप ने डस लिया। इससे पहले बुधवार दिन में अरहान (10) भी सर्पदंश का शिकार हो गया था। दोनों को भी परिजन तत्काल सीएचसी लेकर पहुंचे। समय पर इलाज मिलने से तीनों की जान बच गई।
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सांप के डसने पर क्या करें और क्या न करें
शरीर के जिस हिस्से पर सांप ने डसा है, वहां कोई बंधन नहीं बांधना चाहिए।
जिस स्थान पर सांप ने डसा है, वहां चाकू या ब्लेड से कट नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
सांप के डंसने पर किसी झोलाछाप डॉक्टर, हकीम या जादू-टोना के चक्कर में न पड़ें। पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं।
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सांप के डसने पर घबराना नहीं चाहिए। घबराहट में रक्तचाप बढ़ जाता है और शरीर में रक्त का संचार तेज हो जाता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। -डॉ. मोहित रस्तोगी, सीएचसी अधीक्षक
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यह बरतें सावधानी
बरसात के मौसम में खेत, मेड़, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर काम करते समय सावधानी बरतें।
खेतों में जाते समय ऊंचे जूते और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
रात के समय टॉर्च का प्रयोग करें और अंधेरे में बिना देखे हाथ-पैर न रखें।
घर के आसपास झाड़ियां, कूड़ा और घास-फूस जमा न होने दें।