रामपुर। 14 वर्ष पुराने गोवंश तस्करी और पुलिस पर जानलेवा फायरिंग के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10,050 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वर्ष 2012 में थाना स्वार क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं को कथित रूप से क्रूरता पूर्वक वाहन में भरकर वध के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। इस दौरान कुछ पशुओं की मौत भी हो गई थी। पुलिस द्वारा वाहन रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी थी। मामले में थाना स्वार में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में स्वार के अगलगा मोहल्ला निवासी इमरान, काशीपुर निवासी खलील अहमद और सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे प्रथम की अदालत ने इमरान, खलील अहमद और सद्दाम हुसैन को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10,050 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।