टांडा। उद्योगों के चलते सरकार को अच्छा खासा राजस्व देने वाला करीब डेढ़ लाख आबादी का टांडा नगर आज भी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े नगर में अब तक बस अड्डा नहीं बन सका है। नतीजतन, रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में बसों के रुकने के लिए स्थान तो निर्धारित है, लेकिन वहां यात्रियों के बैठने या धूप-बारिश से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में लोग खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर बस का इंतजार करते हैं, जबकि बारिश में भीगना उनकी मजबूरी बन जाती है। खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
अन्य नगरों और शहरों में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने कोटे से यात्री शेड बनवाए गए हैं, लेकिन टांडा इस मामले में पूरी तरह पीछे है। यहां न तो विधायक और न ही सांसद द्वारा एक भी यात्री शेड बनवाया गया है। वहीं नगर पालिका भी इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन नजर आ रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
000
यात्रियों की जुबानी
हम लोग रोजाना बस का इंतजार करने के लिए सड़क किनारे खड़े रहते हैं। तेज धूप में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती है और कोई छाया तक नहीं मिलती। अगर यात्री शेड बन जाए तो बहुत राहत मिलेगी। -हरिराम
000
बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करना सबसे मुश्किल हो जाता है। बस अड्डा न होने से घंटों सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है और बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे काफी परेशानी होती है। -धीरेंद्र सिंह
000
बारिश के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। भीगते हुए बस का इंतजार करना पड़ता है और सामान भी खराब हो जाता है। कई बार तो मजबूरी में सफर टालना पड़ता है। -आकाश
000
जहां बस रुकती है वहां कोई इंतजाम नहीं है। न बैठने की जगह है और न ही छांव, जिससे हर बार इंतजार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। - वसीम अहमद
000
नगर पालिका से वार्ता कर जल्द ही यात्रियों के लिए यात्री शेड की व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके। -राजकुमार भास्कर, एसडीएम