यतीमखाना प्रकरण के दो मुकदमों में मंगलवार को गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष की ओर से उनसे जिरह की गई। उनकी गवाही पूरी हो गई। अब इन मामलों की अगली सुनवाई 18 और 19 नवंबर को होगी। 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे।
आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस मामले में भैंस और बकरी चोरी के भी आरोप हैं। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है।
मंगलवार को यतीमखाना प्रकरण के दो मामलों की सुनवाई हुई। जिसमें गवाह साजिद और जाकिर ने कोर्ट में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष की ओर से उनसे जिरह की गई। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 और 19 नवंबर को होगी। वहीं दूसरी ओर टांडा कोतवाली में आजम खां के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी एक्ट मामले की सुनवाई के दौरान गवाह कोर्ट नहीं पहुंचा। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अक्तूबर को होगी।