रामपुर। कई लोगों से पूछताछ के बाद महत्वपूर्ण जानकारी और सबूत हासिल कर लखनऊ से आई ईडी की टीम सोमवार की रात लौट गई। टीम ने दो दिनों में कई लोगों से पूछताछ की और उसे कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल हुई है। इसके बाद ईडी की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। इस बात की संभावना है कि ईडी अभी अन्य कई लोगों पर शिकंजा कस सकती है।
ईडी की टीम रविवार की रात रामपुर आई थी। ईडी ने सबसे पहले सिविल लाइंस कोतवाली में विधायक अब्दुल्ला आजम के करीबी अनवार और सालिम से पूछताछ की थी। अनवार और सालिम से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने अन्य कई लोगों से पूछताछ की। जानकारों की माने तो ईडी के निशाने पर कई कंस्ट्रक्शन कंपनियां भी हैं। जिनको सपा शासनकाल में ठेके दिए गए थे। इन कंपनियों के लेनेदन का रिकॉर्ड कंपनी खंगाल रही है। जिसमें कई सौ करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। साथ ही इस बात की जांच की जा रही है कि सपा शासनकाल में किस-किस को ठेके मिले थे। ठेके में से कितने काम पूरे हो गए, कितने अधूरे रह गए और भुगतान की क्या स्थिति है। इसमें से कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने फिलहाल सपा से दूरी बना रखी है।
जानकारों की माने तो ईडी के निशाने पर वो लोग भी हैं जिन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को चंदा दिया था। लेकिन उनकी हैसियत ऐसी नहीं है कि वो भारी-भरकम राशि चंदे के रूप में दे सके। सूत्रों ने बताया कि अनवार और सालिम के साथ अन्य कई लोगों से पूछताछ में ईडी के हाथ कुछ पुख्ता जानकारी लगी है। इसके आधार पर ईडी जांच को तेजी से आगे बढ़ा सकती है। ईडी की दो सदस्यीय टीम सोमवार की रात लखनऊ वापस चली गई। अधिकारियों का कहना है कि ईडी की टीम ने अपने साथ कुछ पुख्ता सबूत और जानकारी ले गई है। उम्मीद है जल्द ही एक बार फिर ईडी की टीम रामपुर आएगी। वैसे ईडी की टीम रामपुर में कई बार आ चुकी है।