रामपुर। आठ फरवरी को होने वाली सीटेट की परीक्षा में कार्यरत शिक्षकों को क्वालिफाइंग अंकों में छूट प्रदान करने की मांग की गई है। शिक्षक संघ ने जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार सीटेट उत्तीर्ण करने के लिए दो मानक निर्धारित है, उसी प्रकार तीसरा मानक निर्धारित करते हुए पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के लिए न्यूनतम अंक 45 प्रतिशत या इससे कम किए जाएं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने सीटेट के निदेशक को पत्र भेजकर कहा कि जुलाई 2017 में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने सीटेट के अधिनियम लागू होने से पूर्व कार्यरत शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य किया है। जिसके आधार पर न्यायालय ने एक सितंबर को टेट सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए दो वर्ष में अनिवार्य रूप से उत्तीर्ण करने के आदेश दिए हैं। जिसको लेकर कार्यरत शिक्षकों के सामने संकट खड़ा हो गया हैं। यह वह शिक्षक हैं जो 15 से 25 वर्षो से कार्यरत हैं। आज उनकी अवस्था ऐसी नहीं हैं कि जो उस युवा वर्ग की हैं, जो दिन में आठ-दस घंटे कई माह की तैयारी के उपरांत इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर पाते हैं। वहीं दूसरी ओर इन कार्यरत शिक्षकों को अपने विद्यालय में प्रतिदिन आठ-नौ घंटे कार्य करना होता है। ऐसी स्थिति में कार्यरत शिक्षकों को प्रतियोगी छात्रों के समान सीटेट परीक्षा की तैयारी का समय नहीं मिल पा रहा।