रामपुर। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने सोमवार को एक बार फिर अपनी ताकत दिखाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने एक सुर में केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई।
टीईटी की अनिवार्यता को लेकर जारी आदेश के खिलाफ शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को एससी-एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जिलाध्यक्ष राम बहादुर गौतम के नेतृत्व में जिले के कई शिक्षक संगठनों के सदस्यो ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यहां पर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन दिया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। ज्ञापन में कहा कि यह फैसला देशभर के लाखों शिक्षकों के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण है। संघ ने तर्क दिया कि जो शिक्षक टीईटी लागू होने से पहले भर्ती हुए थे और वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अब पात्रता परीक्षा देने की आवश्यकता क्यों है, जबकि उनकी अनुभव और शैक्षणिक योग्यता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है। संगठन ने इस फैसले को असंवैधानिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया । संगठन ने प्रधानमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री अंजुम स्नेही सक्सेना, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष रवेन्द्र गंगवार, अटेवा के जिलाध्यक्ष दिगपाल गंगवार, यूटा की जिलाध्यक्ष हेमलता, महामंत्री रामचंद्र गौतम,प्रीती, रश्मि, मीनाक्षी, सुषमा, प्रेम चंद,सुनील कुमार, रमेश पाल सिंह, नाज़मा खातून रजनी कुमारी, जगऔतार, मनोज निमेष, प्रभाकर गौतम, ज्ञानप्रकाश गौतम कन्धई लाल, महेंद्र पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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काली पट्टी बांधकर किया विरोध, चलाया हस्ताक्षर अभियान
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रामपुर। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिले भर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाया।
संघ के आहवान पर जिले भर के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर बच्चों की पढ़ाई कराई। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर चले हस्ताक्षर अभियान में 212 शिक्षकों ने हस्ताक्षर कराए गए। संघ के जिला अध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सरकार के 2017 एनसीटीई की नियमावली में संशोधन किए जाने हेतु संघर्ष किया जा रहा है। पिछले दिनों जिलाधिकारी और सांसद के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था।सोमवार को शिक्षक,शिक्षिकाओं द्वारा काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया और जनपद मुख्यालय पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। हस्ताक्षर अभियान की कापी 15 अक्टूबर के बाद सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजी जाएगी। सोमवार को हुए हस्ताक्षर अभियान में 212 शिक्षकों ने हस्ताक्षर किए जिसमें जगदीश सिंह, राकेश कुमार वर्मा, वीरेंद्र सिंह गिरोह, सुभाष चंद्र, मंजू रानी आदि शिक्षक शामिल रहे।