रामपुर। शंकरपुर गांव में युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए इस बार दिवाली पर आतिशबाजी न करने का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रही अमर उजाला की मुहिम में बुधवार को शंकरपुर और आसपास के गांव के कई युवा भी शामिल हो गए। युवाओं ने शंकरपुर गांव में एकत्र होकर आतिशबाजी रहित दीपों वाली दिवाली मनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर बोलते हुए आशीष शर्मा ने कहा कि आतिशबाजी के धुएं से पर्यावरण और मानव सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ाता है तो वहीं मानव शरीर में भी कई रोगों का कारण बनता है। इससे सांस के रोगियों को सबसे अधिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है। पहले ही वाहनों, कारखानों और अन्य कारणों से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना दूभर हो रहा है। सरकार और कई संगठन पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत हैं और पौधरोपण अभियान चला रहे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को पौधरोपण तो करना ही चाहिए। साथ ही आतिशबाजी से भी तौबा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े शहरों के बाद छोटे-छोटे शहरों और गांव-कस्बों तक में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। ऐसे में आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण और बढ़ता है, जो कि सभी के लिए नुकसानदेह है। इस अवसर पर ओमपाल राजपूत, मेजर यादव, नेपाल यादव, विनोद सागर, श्याम सक्सेना, प्रेमपाल राजपूत वीरेंद्र यादव, अजय यादव आदि मौजूद रहे।