दो गायों में मिले लंपी के लक्षण, जांच के लिए बरेली भेजे गए सैंपल
रामपुर। दो गायों में लंपी के लक्षण मिले हैं। दोनों गायों का उपचार शुरू कर दिया गया है। लंपी की पुष्टि के लिए दोनों गायों के सैंपल आईवीआरआई बरेली भेज दिए गए हैं। पशु चिकित्सकों की माने तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
पशुओं में लंपी की बीमारी तेजी से फैल रही है। इसको लेकर पहले से ही पशु चिकित्सा विभाग की ओर से सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए थे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक सर्विलांस के लिए सात टीमों का गठन कर दिया है। एक टीम जिला स्तर और छह टीमें ब्लॉक स्तर पर गठित की गई हैं। ये टीमें शहर से लेकर गांव तक पहुंच रही हैं और पशुओं की जांच कर सर्वे कर रही हैं। सीवीओ बृजवीर सिंह ने बताया कि मंगलवार को पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. दिनेश के नेतृत्व में चल रहे सर्वे के दौरान दो पशुओं में लंपी डिजीज के लक्षण मिले हैं। इनमें रामनाथ कॉलोनी में गजेंद्र सिंह और ज्वालानगर स्थित श्याम कॉलोनी के रहने वाले अंश शर्मा की गायें शामिल हैं। चिकित्सक ने दोनों गायों के सैंपल ले लिए और सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिए गए हैं, जिसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों गायों में लंपी का संक्रमण है अथवा नहीं। फिलहाल, पशु चिकित्सा विभाग की ओर से दोनों गायों का उपचार शुरू कर दिया गया है।
जिले में पशुओं के बाजारों पर लगी रोक
जिले में पशुओं की खरीद फरोख्त के लिए पशु बाजार लगते हैं। ग्रामीण इलाकों में लगने वाले इन बाजारों पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, डॉ. दिनेश बताते हैं कि लंपी एक तरह से कोरोना संक्रमण की तरह है, जिसका प्रभाव पशु से पशु तक रहता है। ऐसे में बीमारी का प्रकोप अधिक न फैले, इसके लिए पशुओं के बाजारों पर रोक लगाने के आदेश प्राप्त हुए हैं।
पशु से इंसान में नहीं फैलता संक्रमण
लंपी का संक्रमण पशुओं में फैलता है, लेकिन यदि किसी संक्रमित पशु का दूूध कोई व्यक्ति पी ले तो इसका असर उस व्यक्ति में नहीं होता। फिर भी सलाह यही है कि दूध को अच्छी तरह से उबाल कर पीया जाए।