चर्चित कारतूस कांड में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने मामले में गवाही के लिए एक दरोगा को तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
रामपुर में 10 अप्रैल 2010 को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ज्वालानगर में रेलवे क्रासिंग के पास से एसटीएफ की टीम ने सीआरपीएफ के दो हवलदारों को गिरफ्तार कर कारतूस कांड का खुलासा किया था। इस मामले में गिरफ्त में आए दोनों हवलदारों की निशानदेही पर ही इलाहाबाद पीएसी से रिटायर्ड एक दरोगा, मुरादाबाद पीटीसी के एक आर्मर समेत बस्ती,गोंडा, बनारस समेत कई जिलों से पुलिस व पीएसी के आरमोरर को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश के बाद इस प्रकरण की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। ज्यादातर आरोपी इस वक्त जमानत पर चल रहे हैं। इस दौरान पीएसी के रिटायर्ड एक कर्मी की मौत भी हो चुकी है।
इस प्रकरण की सुनवाई एडीजे द्वितीय की कोर्ट में चल रही है। जिसमें में बुधवार को सुनवाई हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमोद सागर ने बताया कि बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने दरोगा पवन गिरी को गवाही के लिए तलब किया है। इस मामले में अब 24 अगस्त को सुनवाई होगी।