राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे से पहले कोसी नदी पर बने पुल के गार्डर और पिलर पर खड़े होकर स्टंटबाज बहुत उछलकूद मचाते थे। युवाओं के स्टंट का शोर इतना होता था कि आसपास के लोग भी सहम जाते थे। कोसी पुल के पास ट्रेन के रफ्तार से गुजरने के साथ ट्रैक पर सुबह, दोपहर, स्कूल की छुट्टी के समय और ढलती शाम में आना और सेल्फी लेने का जुनून पूरा करना आसपास बेहद चर्चा का विषय है, लोग मान रहे हैं कि युवा हादसे के बाद डर गए हैं इसलिए फिलहाल यहां नहीं आ रहे हैं।
कोसी नदी पुल के पास पीछे से आ रही ट्रेन के साथ ट्रैक पर खड़े होकर सेल्फी लेना हो या फिर कोसी नदी पर बने पुल के गार्डर और पिलर पर खड़े होकर ट्रेन के साथ सेल्फी लेने का युवाओं पर जुनून इस कदर सवार था कि वह जिदंगी को दांव पर लगा देते थे। सेल्फी और कुछ तूफानी करने का स्टंटबाजों का यह शौक आसपास के लोगों के रोंगटे खड़े कर देता था लेकिन, इन स्टंटबाज युवाओं को मौत का कोई खौफ नहीं था।
सेल्फी के रोमांच ने कई युवाओं की जान भी ले ली, लेकिन इसके बाद भी ट्रेन और ट्रैक के बीच अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने का क्रेज स्टंटबाज युवाओं में कम नहीं हुआ। बुधवार सुबह भी जब अमर उजाला की टीम ने राज्यरानी एक्सप्रेस के हादसे वाले स्थान पर जाकर आसपास के लोगों से बात की तो ऐसा ही कुछ सामने आया। जिसने सोचने पर मजबूर कर दिया कि राज्यरानी डिरेलमेंट कहीं जान दांव पर लगाकर स्टंट करने वाले ऐसे ही स्टंटबाजों की किसी शरारत का नतीजा तो नहीं?