रामपुर। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुलाकात भले एक साल बाद हुई लेकिन एक घंटे की इस बातचीत में विधानसभा चुनाव के लिए यूपी में सपा की चुनावी रणनीति का खाका तैयार हो गया। इस मुलाकात में गठबंधन के सहयोगी राजनीतिक दलों के साथ सपा के सीट बंटवारे और प्रत्याशियों के नामों पर दोनों दिग्गजों ने मंथन किया।
इससे पहले अखिलेश यादव आठ अक्तूबर 2025 को आजम खां से रामपुर स्थित उनके आवास पर मिले थे। उस समय आजम खां जेल से बाहर थे। बृहस्पतिवार को उनके रामपुर आने और जेल में आजम खां से मुलाकात का कार्यक्रम जारी होते ही इस दौरे के राजनीतिक मायनों पर कयास लगने लगे थे। जैसा अनुमान था, वैसा हुआ भी। जेल में आजम खां से मिलकर अखिलेश ने उनकी सेहत का हाल जानने के साथ-साथ सियासी मसलों पर लगभग एक घंटे चर्चा की।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि इस दौरान पश्चिमी यूपी की सीटों के साथ-साथ प्रदेशभर में विधानसभा चुनाव के लिए सपा के संभावित चेहरों पर बातचीत हुई। इसके साथ ही गठबंधन के सहयोगी दलों और उनके साथ सीटों के तालमेल का बिंदु भी चर्चा के केंद्र में रहा। इसमें तालमेल वाले दलों के लिए सीटों की संभावित संख्या और उन पर मैदान में उतारे जाने वाले संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा चुनाव के लिए सपा की सांगठनिक तैयारी और भाजपा को घेरने वाले मुद्दे भी सपा के दोनों दिग्गजों के मंथन का हिस्सा रहे।
हालांकि जेल में आजम खां से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने इतना ही कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर बंटवारे और प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई है। कौन सी सीटें सहयोगियों के लिए और किस स्थान से कौन उम्मीदवार जैसे सवालों को अखिलेश यादव ने मुस्कुरा कर या संक्षिप्त जवाब से टाल दिया लेकिन सियासी जानकार मान रहे हैं कि जेल की इस मुलाकात में यूपी के विधानसभा चुनाव के लिए सपाई रणनीति का खाका तैयार हो गया है। संवाद
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... क्यों बताऊं लिस्ट पढ़ लेना
रामपुर की शहर विधानसभा सीट पर सपा के संभावित प्रत्याशी को लेकर पत्रकारों के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, क्यों बताऊं... लिस्ट जारी होगी तो पढ़ लेना। मुकदमों में घिरने से पहले आमतौर पर इस सीट से आजम खां ही सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े हैं। इस सीट पर उन्होंने 10 बार जीत हासिल की है। आजम खां के जेल जाने पर एक बार उनकी पत्नी तजीन फात्मा भी रामपुर नगर सीट से विधायक निर्वाचित हुई थीं। वर्तमान में इस सीट से भाजपा के आकाश सक्सेना विधायक हैं। आजम खां और उनके परिजनों पर दर्ज तमाम मुकदमों में आकाश सक्सेना वादी की भूमिका में रहे हैं। संवाद
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बोले, आजम ने नहीं मांगी कोई सीट, सिर्फ सुझाव दिए
जेल में मुलाकात की चर्चा से जुड़े मीडिया के सवालों पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खां ने उनसे कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है। एक सवाल के जवाब में कहा कि आजम खां स्वस्थ हैं और वह उनके जल्द और स्वस्थ होने की कामना करते हैं। साथ ही उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा।
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ओवैसी को भाजपा की बी-टीम बताकर मुस्लिमों को बड़ा संदेश देने की कोशिश
आजम खां से पुराने रिश्ते की भी दी दुहाई, कहा- पहले भी रामपुर आकर मिलते रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बृहस्पतिवार का रामपुर दौरा सिर्फ और सिर्फ आजम खां पर ही केंद्रित था। जेल में आजम खां से और बाद में उनके परिवार से आवास पर मुलाकात के अलावा उनका कोई और कार्यक्रम नहीं था। उनकी कोई सभा नहीं थी लेकिन मीडिया को पूरा समय देकर और कई बिंदुओं पर बेवाकी से जवाब देकर उन्होंने जहां अपनी हर बात जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया, वहीं विपक्षियों के बीच से उठते सवालों पर पलटवार भी किया।
एक सवाल पर उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भाजपा की बी-टीम करार दिया। साथ ही जेल में आजम खां और उनके परिवार के साथ आवास पर लगभग एक-एक घंटे का समय देकर मजबूत रिश्तों का संदेश देने की कोशिश की। देर से रामपुर आने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि आजम खां से उनका रिश्ता बहुत पुराना है। वह पहली बार रामपुर आकर उनसे नहीं मिले हैं, बल्कि पहले भी आते रहे हैं।
ओवैसी पर कटाक्ष और आजम परिवार से पुराने रिश्तों का हवाला देकर उन्होंने मुस्लिमों को बड़ा संदेश देने का प्रयास किया। यही नहीं जौहर यूनिवर्सिटी को आजम खां का सपना बताते हुए उन्होंने कहा कि इस सपने को सपा पूरा करेगी। यूनिवर्सिटी के हवाले से भाजपा सरकार पर प्रहार भी किए। कहा कि सरकार की मंशा विश्वविद्यालय को बर्बाद करने की है। इसके लिए साजिशें रची गईं। भाजपा को उच्च शिक्षण संस्थानों और छात्रों के भविष्य की भी परवाह नहीं है। आरोप लगाया कि भाजपा की सोच ऐसी है कि वंचित और अल्पसंख्यक समाज के बच्चे पढ़-लिखकर आगे न बढ़ सकें।