इन मामलों में आजम खां पर आरोप है कि उनके इशारे पर लोगों के घरों को तोड़ा गया और उनका सामान भैंस, बकरी आदि चोरी कर लिया गया। तब नन्हे और अबरार ने भी मुकदमा लिखाया था। अब इन दोनों ने आजम खां के खिलाफ गवाही को लेकर धमकाने के आरोप मुकदमे लिखवाए हैं। आरोप लगाया है कि आजम खां के करीबी लोगों ने उन्हें घर पर जाकर धमकाया कि वे अदालत में आजम खां के खिलाफ गवाही न दें, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा।
इन दोनों मुकदमों की जैसे ही सपाइयों को जानकारी हुई, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। बुधवार को मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिलने पर आजम खां के बेटे व स्वार-टांडा के विधायक अब्दुल्ला आजम और चमरौआ विधायक नसीर अहमद खां अन्य सपाइयों के साथ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ला से मिले थे। जबकि गुरुवार को डीआइजी शलभ माथुर से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने मुकदमों को रद्द कराने की मांग की थी।
हालांकि, अफसरों ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिससे सपाई संतुष्ट नहीं हैं। इसके बाद गुरुवार शाम को सपा कार्यालय पर सपाइयों की बैठक हुई। इसमें जिले भर से सपा कार्यकर्ता जुटे। इसमें अब्दुल्ला आजम ने उनके पिता एवं सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर अपनी बात रखी। अब्दुल्ला आजम ने ट्वीट के माध्यम से भी मुकदमों को लेकर टिप्पणी की थी। इस मामले में सपा का प्रतिनिधिमंडल अब डीजीपी से भी मिलेगा। सूत्रों की मानें तो मुकदमे रद्द न होने पर सपाई बड़ा आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। अब्दुल्ला आजम का कहना है कि आजम खां की सेहत काफी खराब है। हाल ही में वे मेदांता अस्पताल से इलाज कराकर लौटे हैं। उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे लिखाए गए हैं।