रामपुर। कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। जिले में ब्लैक फंगस के संक्रमण का पहला मामला 22 मई को सामने आया था। जिले में अब तक छह लोगों में ब्लैक फंगस संक्रमण की जद में आ चुके हैं, जिसमें एक महिला का बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई है। हालांकि सेहत विभाग चार मामलों की ही पुष्टि कर रहा है।
ब्लैक फंगस संक्रमण का मामले जिले में बढ़ने लगे हैं। छह दिनों में ही ब्लैक फंगस के चार मामलों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। हालांकि अनाधिकृत रूप से ब्लैक फंगस के मामलों की संख्या छह है। ब्लैक फंगस के अधिकांश मामले में ऐसे लोगों में सामने आ रहे हैं या तो वो कोरोना की चपेट में थे या फिर उनको कोई दूसरी बीमारी हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में चार लोगों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है और इसमें से टांडा निवासी एक महिला की उपचार के दौरान बरेली के एक अस्पताल में मौत हो जाने की सूचना है। महिला की मौत की पुष्टि सेहत विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं। इसके अलावा सांसद आजम खां के एक रिश्तेदार सहित दो लोगों में ब्लैक फंगस के लक्ष्ण मिले हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। आजम खां के रिश्तेदार का इलाज मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। वो पिछले दिनों बीमार हो गए थे। बुखार और ऑक्सीजन का लेवल कम होने की शिकायत थी।
लैक फंगस के इलाज आवश्यक संसाधन और माहिर चिकित्सक यहां नहीं हैं।