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Rampur News: 129 केंद्रों पर सन्नाटा 1300 किसानों के पंजीकरण के बाद भी खरीद शून्य

Wed, 14 Oct 2026 02:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। सरकारी धान खरीद शुरू होने के बाद भी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। जिले में बनाए गए 129 केंद्रों पर दूसरे दिन भी एक भी किसान धान बेचने नहीं पहुंचा। वहीं, जिलेभर में अब तक करीब 1300 किसान धान बिक्री के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इसके बावजूद सरकारी खरीद का खाता नहीं खुल सका है।
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जिले में इस बार करीब 1.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल उगाई गई है। बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल खराब हो चुकी है।
वहीं, सैकड़ों किसानों के खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है। ऐसे किसान खेतों से पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। खेतों में जलभराव के कारण फसल की कटाई और धान को बिक्री के लिए तैयार करने में भी परेशानी हो रही है।
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दूसरी ओर, सरकारी केंद्रों पर खरीद शुरू होने के बावजूद किसान वहां पहुंचने से कतरा रहे हैं। कई किसान आढ़तियों के हाथों नकद भुगतान लेकर धान बेच रहे हैं। ऐसे में सरकारी केंद्रों पर खरीद का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
पंजीकरण कराने वाले किसानों के केंद्रों तक नहीं पहुंचने से सरकारी खरीद की शुरुआत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि खेतों से पानी निकलने और फसल तैयार होने के बाद सरकारी केंद्रों पर खरीद कितनी रफ्तार पकड़ती है।
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खेतों में पानी भरा होने के कारण धान की पूरी फसल जमीन पर गिर गई है। अब धान सड़ने लगा है। जब तक खेतों से पानी नहीं निकलेगा, तब तक फसल की कटाई करना संभव नहीं है। पूरे साल की मेहनत बर्बाद होती देखकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -विरजन सिंह, किसान
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धान की फसल बोने के लिए खाद, बीज और दवाइयां उधार लेकर खरीदी थीं। उम्मीद थी कि फसल अच्छी होगी तो कर्ज चुका देंगे, लेकिन बारिश और खेतों में जलभराव ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब समझ नहीं आ रहा कि कर्ज कैसे चुकाएंगे और परिवार का खर्च कैसे चलाएंगे। सत्यवीर, किसान
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जिले में धान खरीद के लिए 129 केंद्र बनाए गए हैं। किसानों से धान खरीदने की सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं। किसान पंजीकरण कराने के बाद अपने नजदीकी केंद्र पर धान बेच सकते हैं। खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए केंद्र प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। -प्रिंस चौधरी, डिप्टी आरएमओ
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