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लल्ला की सुनके में आई, यशोदा मैया दे दे बधाई...

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रामपुर। जैसे ही आधी रात हुई और चंद्रोदय हुआ, मंदिरों में घंटे, घड़ियाल बजने लगे। कृष्ण जन्म का उद्घोष होने लगा, भजनों की आवाज आने लगी। नन्हे कृष्ण को पंचामृत से नहलाकर और प्रसाद वितरण किया गया।
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शुक्रवार को भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों को झालरों से सजाया गया। घरों एवं मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण जन्म की झांकियां सजाई गईं। कई स्थानों पर राधा कृष्ण की झांकियां सजाई गईं। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना हुई। मंदिरों में हिंडोला सजाया गया और नन्हे कान्हा को झूला झुलाया। शुक्रवार की रात शंखनाद और घंटे-घड़ियाल के बीच भगवान श्रीकृष्ण के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। कहीं, दही मटकी फूटी तो कहीं लड्डू गोपाल को पालना झुलाने की श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही। रात को जैसे ही 12 बजे और चंद्रमा नजर आया, मंदिरों में घंटियां, शंख बजने लगे, हर ओर भगवान कृष्ण का जयघोष गूंजने लगा। श्रद्धालुओं ने भगवान को दूध, दही, गंगाजल, शहद आदि से अभिषेक करने के बाद लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया। आरती के बाद भगवान को भोग लगाया गया। इसके बाद प्रसादवितरण किया गया। मंदिरों में सजाएगए पालनों में लड्डू गोपाल को पालना झुलाने की श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही। मंदिरों में सजीं झांकियां श्रद्धालुओं का मन मोह रही थीं। हर तरफ हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की और नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल आदि गीतों और भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से शहर का वातावरण गूंज उठा। घरों में भी जन्माष्टमी को धूम रही। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में नन्हें कृष्ण को भोग लगाया और झूला झुलाया। उसके बाद व्रत पारायण किया।
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