रामपुर। दो पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां के नाम पर संदेश देने वाले मुरादाबाद के सपा नेता यूसुफ मलिक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेशन कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
सपा नेता आजम खां इन दिनों रामपुर की जेल में बंद हैं। कुछ दिन पहले मुरादाबाद की जिगर कॉलोनी निवासी सपा नेता यूसुफ मलिक उनसे मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने एक बयान कुछ निजी चैनलों को दिया था, जो कि वायरल भी हो गया था।
पुलिस के अनुसार बयान में वह कहते हुए नजर आ रहे थे कि उन्होंने जेल में आजम खां से मुलाकात की है। आजम खां ने ईद के मौके पर काले कपड़े पहनने या हाथ में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने की अपील की है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले को संज्ञान लेते हुए मामले की जांच की और फिर गंज कोतवाली में यूसुफ मलिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
मामला दर्ज होने के बाद इस मामले में सपा नेता यूसुफ मलिक की ओर से सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस मामले की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया,जबकि बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि सपा नेता को सियासी रंजिश के आधार पर फंसाया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सेशन कोर्ट ने यूसुफ मलिक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।