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हजरत अली व औरंगजेब के हाथों लिखी कुरान देखिए

Sun, 26 Jun 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
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रजा लाइब्रेरी में लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ करते मौलाना शायर उल्ला ख
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माह-ए-रमजान में आप कुरान मजीद को मशहूर धार्मिक और ऐतिहासिक हस्तियों की हस्तलिपि में देख सकते हैं। इन हस्तियों में हजरत अली भी शुमार हैं और मुगल बादशाह औरंगेब भी। अकबर के नवरत्न फैजी के दस्तखत वाले कुरान के भी दीदार कर सकते हैं। दुनिया भर में मशहूर रजा लाइब्रेरी में कुरान मजीद इस्लामी खत्ताती (कैलीग्राफी) प्रदर्शनी का शनिवार को शुभारंभ किया गया।  प्रदर्शनी 10 जुलाई तक चलेगी।

प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. शआइरूल्लाह खां ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुर्लभ पांडुलिपियों और कैलीग्राफियों की प्रदर्शनी पवित्र माह में बहुमूल्य उपहार है। जिसमें सामान्य जन इन दुर्लभ पांडुलिपियों व कैलीग्राफी से रूबरू हो सकेंगे। रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन व सूचना अधिकारी डा. अबुसाद इस्लाही ने कहा कि प्रदर्शनी से शोध कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ ही आम जन को भी लाभ मिलेगा।
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प्रदर्शनी में सातवीं सदी में कूफी लिपि में हजरत अली द्वारा लिखी गई कुरान मजीद के साथ 8वीं सदी में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफर बिन मुहम्मद बिन अली द्वारा लिखित दुर्लभ कुरान मजीद का प्रदर्शन भी किया गया है। साथ ही शहंशाह अकबर की मुहर लगी और उनके नवरत्न में से एक फैजी के हस्ताक्षर वाली 16वीं सदी की कुरान मजीद भी प्रदर्शनी में शामिल है। प्रदर्शनी में बादशाह औरंगजेब के हाथ से नस्ख लिपि में लिखा कुरान मजीद, कपड़े पर लिखी कुरान मजीद और सोने के छिड़काव के साथ लिखी गई कुरान मजीद भी शामिल है। 
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प्रदर्शनी आयोजन में अरुण सक्सेना, हिमांशु, फैसल समेत लाइब्रेरी के समस्त स्टाफ द्वारा सहयोग किया जा रहा है। प्रदर्शनी का आयोजन रजा लाइब्रेरी के दरबार हाल में किया गया है। पर्यटन के विज्ञापन से गायब म्यूजियम- हमारी सरकारें पर्यटन के विज्ञापनों में धार्मिक स्थलों और महलों को ही  दिखाती हैं। लाइब्रेरी और म्यूजियम का जिक्र तक नहीं आता। बाहर के  मुल्कों में म्यूजियम का दर्शन करना सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन माना जाता है। पर्यटन पर जोर देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी ने रजा लाइब्रेरी की ओर कुछ ध्यान दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार इस विरासत का प्रचार नहीं करा पा रही।
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