प्रधानी के चुनाव में स्वार के दो गांवों में बूथ बनाने में लापरवाही बरती गई थी। बूथ को ढकने के लिए महीन चादर का इस्तेमाल किया गया था। मतदान की गोपनीयता भंग होने पर ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। स्वार क्षेत्र में पिछले दिनों प्रधानी के लिए मतदान हुआ था।
मतदान केंद्रों पर बूथ बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों को सौंपी गई थी। बूथ मनाने के मानक निर्धारित किए गए थे। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को हिदायत दी गई थी कि बूथ बनाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए मतदान की गोपनीयता बनी रही।
सेंटाखेड़ा और सिहोरा मतदान केंद्रों पर बूथ बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी करन लाल को सौंपी गई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी ने दोनों गांवों में बूथ बनाने में मानकों की अनदेखी की। मतदान शुरू होने के चार घंटे बाद जिलाधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने बूथों का निरीक्षण किया तो देखा कि मतदान की गोपनीयता भंग हो रही थी।
डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी मानते हुए निलंबित करने के आदेश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी एके शाही के मुताबिक ग्राम पंचायत अधिकारी ने बूथ को कवर्ड करने के लिए इतनी महीन चादर का इस्तेमाल किया था कि ये दिख रहा था कि कौन मतदाता किस निशान पर मुहर लगा रहा है। बूथ की आड़ भी नहीं की थी।