अमर उजाला के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' के दौरान टीम ने रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा में अभियान चलाया। इस दौरान आम जनता से 2027 चुनाव के मुद्दों पर बात की गई। लोगों ने विकास, रोजगार, सुरक्षा, शिक्षा और सड़क जैसे मूलभूत मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की सरगर्मी तेज हैं। राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट चुके हैं। भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है। 2024 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी भी सत्ता में लौटने का दावा कर रही है। क्षेत्रीय दल भी अपने-अपने सियासी समीकरण साधने में जुटे हैं।अमर उजाला की टीम 'सत्ता का संग्राम' अभियान के तहत चमरौआ विधानसभा क्षेत्र पहुंची। टीम का उद्देश्य यहां किसानों और आम आदमी के मुद्दों को जानना था। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों ने अपने विचार साझा किए।
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इस बार चमरौआ से कौन होगा विधायक, जनता ने दी रिपोर्ट
इस चुनावी माहौल में अमर उजाला की टीम चमरौआ विधानसभा क्षेत्र पहुंची। जहां अजय सैनी ने विकास के मुद्दों पर विधायक चुनने की बात कही। किसानों, नौजवानों और युवाओं को निराशा मिली है। चंद्रपाल सिंह ने बताया कि इस बार वे शिक्षा और विकास के क्षेत्र में काम करने वाले विधायक को चुनेंगे। किसानों के मुद्दे और सरकारी योजनाएं एक किसान ने बताया कि उन्हें खेतीबाड़ी में कोई खास परेशानी नहीं है। खाद-बीज की थोड़ी किल्लत हुई थी। पर अब वह सब सामान्य हो गई है। खाद समय पर मिल रही है। सब्सिडी भी सीधे किसानों के खाते में पहुंच जाती है। बुनियादी ढांचा और विधायक की अनुपस्थिति शिक्षा में बहुत अच्छा सुधार हुआ है।
चमरौआ के विधायक के काम का हिसाब जनता ने दिया
अमर उजाला की टीम ने लोगों से उनके मुद्दों और आगामी विधायक चुनने के आधार पर बात की। निवासियों ने विकास कार्यों की कमी, महंगाई और बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दे बताया। निवासी महफूज ने बताया कि क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है।जहूर ने भी विधानसभा क्षेत्र में विकास न होने की बात कही। विधायक की अनुपस्थिति और अधूरे वादे गुंदू ने मोहल्ले में भरी नालियों और सरकारी जमीन पर अवैध जोताई की शिकायत की। उन्होंने बताया कि तहसील में तीन शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई अधिकारी जांच करने नहीं आया। युवा मुशाहिद और जाकिर अली ने कहा कि पिछले पांच साल में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
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युवाओं ने बताया कैसा होगा उनका विधायक?
अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' चमरोहा विधानसभा क्षेत्र पहुंचा। यहां टीम ने युवाओं से उनके मुद्दों और आगामी विधायक चुनने के आधार पर बात की। युवाओं ने शिक्षा, महंगाई, बेरोजगारी और विकास को प्रमुख मुद्दे बताया। उन्होंने वर्तमान विधायक के कामकाज पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। युवाओं ने एक सक्रिय और तकनीकी रूप से मजबूत युवा विधायक की मांग की। यह रिपोर्ट उनकी अपेक्षाओं और स्थानीय समस्याओं पर केंद्रित है। फाजिल ने कहा कि देश में शिक्षा की सुविधा बढ़नी चाहिए। उन्होंने रामपुर विश्वविद्यालय के मुद्दे का जिक्र किया। विश्वविद्यालय को उजाड़ने के प्रयासों से युवाओं को बहुत नुकसान हो रहा था।
लोगों ने विकास, रोजगार, शिक्षा, सड़क के मुद्दों पर रखी अपनी राय
चमरौआ विधानसभा में टीम ने आम जनता से 2027 के विधानसभा चुनावों के मुद्दों पर बात की। लोगों ने विकास, रोजगार, शिक्षा, सड़क और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अपनी राय रखी। कुछ निवासियों ने सरकारी योजनाओं के लाभ की सराहना की। वहीं, कई लोगों ने स्थानीय विधायक के कामकाज और क्षेत्र में विकास की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया। जनता ने एक सक्रिय और प्रभावी विधायक की आवश्यकता पर जोर दिया। चमरौआ विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच आगामी चुनावों को लेकर मिली-जुली भावनाएं देखने को मिलीं। कई निवासियों ने वर्तमान भाजपा सरकार के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की बात कही। मेहराज हुसैन उर्फ मुंशी जी ने बताया कि चमरौआ में गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। यहां जाति-समाज का कोई मामला नहीं है। जनता फिलहाल खामोश है और चुनाव के समय ही निर्णय लेगी।