रामपुर की पुलिस लाइन में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शपथ लेते कर्मी।संवाद न्यूज एजेंसी
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रामपुर। जिले भर में देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यालयों में राष्ट्रीय एकता व अखंडता की शपथ भी ग्रहण की गई।
रेडिको खेतान में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीओ गजल भरद्वाज एवं रेडिको खेतान के वरिष्ठ महाप्रबंधक विकास सक्सेना ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर रामपुर के नेहरू कुष्ठ आश्रम एवं वृद्धा आश्रम में जाकर सीडीओ ने रेडिको खेतान के अधिकारियों के साथ फल वितरित किए। सीडीओ ने इस अवसर पर कहा कि आज भारत के लौह पुरुष की जयंती को पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहा है। इसी क्रम में हम सभी को समाज के अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति तक एकीभाव का निर्वहन करते हुए उनके साथ समानता का व्यवहार रखने का प्रण करना है। साथ ही उन्होंने उपस्थित समूहगण को शपथ दिलाई कि समाज के अति जरूरतमंद वर्ग को सर्वप्रथम सहायता पहुंचाने में सभी को प्रथम वरीयता देनी है। रेडिको खेतान के वरिष्ठ महाप्रबंधक विकास सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रेडिको के महाप्रबंधक अजय प्रताप सिंह, उप प्रबंधक राजेन्द्र कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
मिलक में बीआरसी केंद्र पर खंड शिक्षाधिकारी विनोद कुमार ने कर्मियों और शिक्षकों को शपथ दिलाई। इससे पूर्व उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। रामपुर नगर के मोहल्ले खुर्मे वाली ज्यारत में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा सरदार वल्लभ पटेल की जंयती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाते हुए गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के रूहेलखंड प्रांत संयोजक फैसल मुमताज के कहा कि राष्ट्रीय एकता में सरदार वल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका है। जब भारतवर्ष आजाद हुआ उस समय देश कई छोटे-छोटे रियासतों में बंटा हुआ था। जिनके विलय व एकसाथ लाने का श्रेय सरदार वल्लभ भाई पटेल को ही है। इस अवसर पर सभासद जियाउर्रहमान बाबू ने कहा की राष्ट्रीय एकता एक ऐसी ताकत है जो समाज को एक दूसरे से जोड़े रखती है और उन्हें ताकतवर बनाती है। एकता का मतलब है एक साथ मिलकर रहना, काम करना और एक दूसरे को समझना। गोष्ठी में कमाल अख्तर, दानिश खां, अब्दुल्ला आकिफ़, हुमैर खां, अय्यूब, इल्हाम खां, इश्हाम, मोहम्मद इस्हाक, सूरमील सागर, शदाब, जैब, शाहिना कौसर, अब्दुल्ला शरीफ आदि मौजूद रहे।