आदेश तो हाईवे पर शराब की दुकानों को हटाने का था,लेकिन आबकारी विभाग ने तो हाईवे की ही परिभाषा बदल डाली। विभाग ने कोसी से शंकरपुर तक गुजरने वाले रास्ते को हाईवे मानने से ही इंकार कर दिया है। यानि इस फार्मूले के आधार पर शहरी क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर स्थित करीब एक दर्जन से ज्यादा दुकाने बच गई हैं। विभाग के इस फार्मूले ने शराब विक्रेताओं को काफी राहत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे से शराब की दुकानों को हटाने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे या फिर उससे पांच सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकाने न लगाने के आदेश दिए थे। यह आदेश आने के बाद आबकारी विभाग ने हाईवे पर स्थित शराब की दुकानों का चिन्हीकरण कराने के आदेश दिए। रामपुर में कुल 46 दुकानों का चिन्हीकरण किया और उनको बकायदा नोटिस भी जारी किया गया। नोटिस जारी होने के बाद भी शराब की दुकानों को नही हटाया गया। शराब की दुकानों को हटाने का आदेश ररिवार को भी लागू कर दिया गया,लेकिन रामपुर में यह आदेश लागू नहीं हो सका।
रामपुर मे सीआरपीएफ चुंगी से लेकर माल धमोरा, मिलक और फिर नैनीताल रोड पर ज्यादातर दुकानें खुली रहीं। इस बीच आबकारी विभाग ने तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पालन कराने के लिए फार्मूला ही बदल डाला। आबकारी विभाग ने कोसी पुल से शहरी क्षेत्र में आने वाले हाईवे को हाईवे ही मानने से इंकार कर दिया है। इसी तरह नैनीताल हाईवे को भी मालगोदाम तिराहे से नहीं बल्कि जौहर अस्पताल चौक से हाईवे माना है। यानि शेष क्षेत्र के रास्ते को हाईवे में ही शामिल नहीं किया गया है। इसी तरह मिलक शहरी क्षेत्र के हाईवे पर स्थित दुकानों को भी बचा लिया गया है। इस तरह करीब एक दर्जन से ज्यादा दुकानों को बचा लिया गया।