रामपुर। अब पोर्टल पर आरटीई के आवेदन में साफ डॉक्यूमेंट नहीं होने पर भी फॉर्म निरस्त नहीं होंगे। अभिभावकों को डॉक्यूमेंट में सुधार करने का मौका मिलेगा। पहले चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया दिसंबर से शुरू होगी। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिले के लिए सरकार की ओर से आरटीई के अंतर्गत आवेदन कराए जाते हैं। इसके लिए नए सत्र में कई बदलाव किए गए हैं। ताकि पात्र बच्चों को आसानी से दाखिला मिल सके।
पहले पोर्टल पर डॉक्यूमेंट साफ नहीं दिखने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाता था, परंतु इस बार विभाग ने आवेदकों को बड़ी राहत दी है। अगर आपके फॉर्म में डॉक्यूमेंट साफ अपलोड नहीं किए गए हैं तो आपका फार्म निरस्त नहीं किया जाएगा। पहले गलती होने पर फॉर्म रद्द हो जाता था। अब सुधार के लिए समय मिलेगा, जिससे अभिभावकों को राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।
विभाग ने नए सत्र में शिक्षा प्रणाली को सुगम बनाने के लिए कई और बदलाव भी किए हैं। इसके अलावा अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने में सहायता प्रदान की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई जाएगी। ताकि अभिभावकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलेभर के करीब के 756 निजी स्कूलों में 6917 बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही हेल्प डेस्क के कर्मी आवेदन की गलती अभिभावकों को बुलाकर ठीक करवाएंगे। आवेदन प्रक्रिया की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
सामुदायिक सहभागिता के डीसी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरटीई के आवेदन फार्म में डॉक्यूमेंट साफ अपलोड नहीं करने पर अब फॉर्म निरस्त नहीं किए जाएंगे। अभिभावकों को फॉर्म में गलतियां सही करने के लिए बुलाया जाएगा। संवाद