राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की वीर सावरकर शाखा के वार्षिकोत्सव में
स्वयंसेवकों ने शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन किया। साथ ही इस मौके पर
स्वयंसेवकों से अपने संस्कारों को न भूलने की सीख दी गई। राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ की ओर से लगाई जाने वाली शाखाओं का इन दिनों वार्षिकोत्सव
मनाया जार हा है।
इसी क्रम में रविवार को वीर सावरकर शाखा का वार्षिकोत्सव
मनाया गया। इसमें स्वयंसेवकों ने आसन का प्रदर्शन किया। साथ ही शारीरिक
दक्षता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में सह जिला बौद्धिक जगपाल सिंह ने कहा
कि समय परिवर्तन शील है। परिवर्तनशील दौर में युवा पीढ़ी अपने संस्कारों
को पीछे छोड़ते जा रही है, जो कि चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों
को न तो अपनी संस्कृति को भूलना चाहिए और न ही संस्कारों को भूलना चाहिए।
संस्कृति एवं संस्कार को अपनाकर ही देश व समाज की तरक्की की जा सकती है। इस
मौके पर पर्जन्य कुमार जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षा की। उन्होंने
स्वयंसेवकों से एकजुट होकर राष्ट्र की सेवा करने का आह्वान किया।
इस मौके
पर रामशंकर, जंग बहादुर, सुरेश ध्यानी, विवेक अग्रवाल, अरुण कुमार, विनीत,
अजय कुमार, केशव, सोमपाल, निखिल, जागेश्वर दयाल दीक्षित आदि रहे।