रामपुर। परिषदीय विद्यालयों में दिए गए टैबलेट अब विद्यालयों को मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट से चलेंगे। इनमें सिम और इंटरनेट डाटा की सुविधा मिलेगी। इसको लेकर लंबे समय से शिक्षक विरोध कर रहे थे।बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों में शिक्षकों को टैबलेट दिए गए थे। इसके माध्यम से ऑनलाइन कार्य और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जानी थी। ऐसे में बिना इंटरनेट और सिम के टैबलेट देने का शिक्षक लंबे समय से विरोध कर रहे थे। कई बार बीएसए को ज्ञापन भी सौंपा गया। अब प्रत्येक विद्यालय में दिए गए टैबलेट के लिए सिम और इंटरनेट डाटा विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए स्कूलों को मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट से यह सुविधा ली जाएगी।
कंपोजिट ग्रांट से एक टैबलेट के लिए प्रतिमाह अधिकतम 2400 रुपये और दो टैबलेट के लिए 4800 रुपये खर्च की अनुमति प्रदान की गई है। इसका समायोजन विद्यालय को प्राप्त होने वाले अनुदान से किया जाएगा।
पांच श्रेणी में दिया जा रहा अनुदान
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से बीएसए को पत्र जारी किया गया है। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना और बजट 2024-25 को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने परिषदीय विद्यालयों को नामांकन के आधार पर पांच श्रेणी में बांटा है। साथ ही इनके लिए कंपोजिट स्कूल अनुदान की स्वीकृति प्रदान की है। अनुदान के लिए स्वीकृत धनराशि जल्द ही जिला स्तर पर भेजी जाएगी।
किस कंपनी की चलेगी सिम, शिक्षकों से मांगी सूचना
बीएसए संजीव कुमार ने सिम कार्ड कंपनी तय करने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी है। कहा कि गांव में किस मोबाइल कंपनी का नेटवर्क अच्छा चलता है। उसी के अनुसार सिम कार्ड दिया जाएगा। इसकी सूचना दो दिन के भीतर शिक्षक अपने खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा गया है।
परिषदीय विद्यालयों में दिए गए टैबलेट के सिम और इंटरनेट डाटा के रुपये कंपोजिट अनुदान से दिए जाएंगे। इसके लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। -संजीव कुमार, बीएसए