रामपुर। सरकारी जगह पर नियम विरुद्ध तरीके से किराये पर लेने के आरोप में सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने सपा विधायक तजीन फात्मा, उनके पुत्र विधायक अब्दुल्ला आजम और डीसीडीएफ के पूर्व चेयरमैन जाफर अली जाफरी (मास्टर जाफर) के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कानूनगो अनग राज सिंह ने सिविल लाइंस में कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा है कि एडीएम के निर्देश पर विकास भवन के पास स्थित जगह का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में यह पाया गया कि यह जमीन सरकारी है और जिस पर मालिकाना हक जिलाधिकारी, रामपुर का है। इस जमीन पर क्वालिटी बार का संचालन किया जाता था। 25 जुलाई 2013 को डीसीडीएफ की बैठक में क्वालिटी बार की जगह तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां की पत्नी तजीन फात्मा को किराये पर देने का प्रस्ताव पारित किया गया। 13 मार्च 2014 को यह जगह उनको किराये पर दे दी गई। बाद में आजम खां के अब्दुल्ला आजम का नाम सह किरायेदार के रूप में शामिल कर लिया गया। कानूनगो ने कहा कि इस जमीन के संबंध में सहकारिता विभाग कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका है। यह जमीन सरकारी है। तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने आजम की पत्नी सपा विधायक डॉ. तजीन फात्मा, पुत्र विधायक अब्दुल्ला आजम और डीसीडीएफ के तत्कालीन चेयरमैन मास्टर जाफर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सिविल लाइंस कोतवाल विजेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।