टांडा। दढ़ियाल में हुए गोलीकांड के मामले में अब दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज हो गई है। पहले पक्ष की ओर से शिवम सैनी पर फायरिंग कर घायल करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के दढ़ियाल के मोहल्ला फत्तावाला निवासी निशांत चौहान की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी है।
निशांत चौहान ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि वीरेंद्र उर्फ वीरू मोबाइल फोन और फेसबुक के माध्यम से उसे अपमानित करने की नीयत से गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता था। विरोध करने पर आरोपी उसके साथ विवाद करता था और फौजदारी पर आमादा रहता था।
आरोप है कि 10 अगस्त की रात करीब आठ बजे निशांत काशीपुर से दढ़ियाल लौट रहा था। काशीपुर-दढ़ियाल रोड पर बाजार वाले रास्ते के पास पहुंचते ही वीरेंद्र उर्फ वीरू, अमन, आदित्य, रितिक, मुकुल, निशा आर्य, राहुल और शिवम समेत अन्य लोगों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।
तहरीर के मुताबिक इसी दौरान वीरेंद्र उर्फ वीरू ने तमंचा निकालकर निशांत की छाती पर लगाते हुए जान से मारने की नीयत से फायर किया। गोली मिस होने से निशांत बाल-बाल बच गया। वहीं निशा आर्य पर भी तमंचे से फायर करने का आरोप लगाया गया है। शोर सुनकर आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
निशांत ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद इलाज कराने और भय के कारण वह तत्काल थाने नहीं पहुंच सका। 13 अगस्त को कोतवाली टांडा पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।
उधर, इसी घटनाक्रम में पहले पक्ष के शिवम सैनी की ओर से भी अंकुश चौधरी, निशांत उर्फ नंदू चौहान, दीपू चौहान, इंतेकाब समेत अन्य के खिलाफ गोली मारने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस जांच में जुटी है।
सीओ पंकज पंत ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामलों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।