रामपुर। खरमास लग जाने से अब शुभ कार्य बंद कर दिए गए हैं। 12 दिसंबर से शुक्र अस्त हो गए थे। इससे पहले के तीन दिन भी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माने जाते हैं। ऐसे में विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए लोगों को अब अगले साल चार फरवरी तक इंतजार करना पड़ेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि किसी भी शुभ कार्य के लिए शुक्र ग्रह के अस्त होने से पहले के तीन दिन और उदय होने के तीन दिन बाद का समय शुभ नहीं माना जाता है। इस बार यह अवधि लंबी हो रही है। शुक्र अस्त के ठीक बाद 14 दिसंबर की देर रात खरमास भी शुरू हो गया है। इससे करीब 53 दिनों तक शुभ कार्यों पर रोक लग गई है। खरमास की समाप्ति मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को होगी और शुक्र ग्रह का उदय 31 जनवरी को हो जाएगा। हालांकि, उदय होने के तीन दिन बाद तक के समय में भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे। ऐसे में मांगलिक कार्य अब चार फरवरी से ही शुरू होंगे। इस तिथि से विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि सभी शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है।
शुक्र ग्रह का उदय 31 जनवरी को होगा और चार फरवरी से ही शुभ कार्य के लिए समय शुभ माना जाएगा। खरमास के दौरान दान-पुण्य करना विशेष रूप से फलदायी होता है, जिसमें चावल, दूध, चीनी, चांदी जैसी सफेद रंग की वस्तुओं का दान अत्यंत शुभ माना जाता है।