बिलासपुर के करीब 25 गांवों से 60 लाख रुपये की रिकवरी होगी। इन गांवों में बिना काम कराए मनरेगा से भुगतान निकाल लिया गया। आडिट के दौरान लाखों का घपला पकड़ में आ गया। धन की रिकवरी के लिए संबंधित प्रधान और कर्मचारियों को नोटिस जारी होंगे।
मनरेगा और इंदिरा आवासों में घोटाले को लेकर बिलासपुर सुर्खियों में है। सात गांवों में करीब पांच लाख रुपये का घपला पहले ही पकड़ा ही चुका है। इस मामले में तत्कालीन बीडीओ समेत नौ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। 22 और गांवों की जांच चल रही है। कुछ समय पहले बिलासपुर के 95 गांवों में मनरेगा और इंदिरा आवासों का सोशल आडिट कराया गया।
टीमों ने मौके पर जाकर मनरेगा के कार्य देखे। लेकिन अधिकतर गांवों में बिना काम कराए मनरेगा से भुगतान निकाल लिया। अधिकतर गांवों में आवासों में भी गड़बड़ी की गई। टीमों ने आडिट सेल को रिपोर्ट मुहैया करा दी। रिपोर्ट में करीब 60 लाख रुपये का घपला होना दर्शाया गया है। रिपोर्ट में ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जिनसे धन की रिकवरी होगी। इसके लिए संबंधित प्रधान और कर्मचारियों को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।