रामपुर। आरडीए (रामपुर विकास प्राधिकरण) की सीमा का विस्तार किया जाएगा। शहर की सीमा से सटे 39 गांवों को आरडीए में शामिल किया जाएगा। इससे जहां आरडीए का दायरा बढ़ेगा, वहीं इन गांवों का भी तेजी से विकास हो सकेगा। प्रस्ताव तैयार कर इसे शहरी आवास एवं नियोजन विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
2005 में आरडीए का गठन किया गया था। करीब 19 साल के सफर में आरडीए अभी तक अपना लैंड बैंक नहीं बना सका है और न ही कोई टाउनशिप विकसित कर सका है। हालांकि, पिछले कुछ माह आरडीए ने कदम बढ़ाने शुरू किए हैं। जहां एक ओर प्रशासन ने टाउनशिप बनाने का खाका खींचा है, वहीं दूसरी ओर नई जेल का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। अब आरडीए महायोजना-2031 की तैयारी कर रहा है।
वहीं प्रशासन की ओर से रामपुर की शहरी सीमा से सटे आसपास के 39 राजस्व गांवों को आरडीए में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने माथापच्ची करने के बाद कुछ दिन पहले प्रस्ताव को शहरी आवास एवं नियोजन विभाग लखनऊ को भेज दिया है। शासन की मंजूरी मिलने के बाद ये गांव प्राधिकरण में शामिल हो जाएंगे। उसके बाद इन गांवों के विकास की जिम्मेदारी आरडीए की होगी।
-
ये प्रमुख गांव भी होंगे शामिल
आरडीए में ग्राम अलीनगर जनूबी, ग्राम पसियापुरा जनूबी, पट्टी कल्यानपुर, भमरौआ, चमरौआ, ग्राम चमरपुरा, ग्राम मोमिनपुर अहमदाबाद, कोयला, कोयली, रहपुरा, केसरपुर, घाटमपुर, अजीतपुर, रायपुर, आगापुर, बिजइया समेत कुल 39 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
-
मंजूरी मिली तो तैयार होगा सप्लीमेंटरी मास्टर प्लान
आरडीए की सीमा में 39 गांवों के शामिल करने की मंजूरी शहरी आवास एवं नियोजन विभाग से मिल गई तो आरडीए की ओर से महायोजना-2031 का प्लान तैयार किया गया है, उसका सप्लीमेंटरी प्लान भी तैयार होगा। उसी मास्टर प्लान के तहत ग्रामीण इलाकों में आरडीए विकास कार्य कराएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
-
रामपुर विकास प्राधिकरण में 39 गांवों को शामिल किया जाएगा। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद आरडीए सप्लीमेंटरी मास्टर प्लान तैयार करेगा। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। - जोगिंदर सिंह, डीएम व आरडीए के उपाध्यक्ष