मॉरीशस में रजा लाइब्रेरी की अनमोल इस्लामिक कैलीग्राफी की नुमाइश लगाई गई। उसमें हजरत अली के हाथ से लिखा कुरान रखा गया। रजा लाइब्रेरी को इंडो- इस्लामिक शिक्षा और कला का खजाना बताया। मॉरीशस के दानिश्वरों भी इस्लामिक कैलीग्राफी की तारीफ की।
फेस्टीवल आफ इंडिया मॉरीशस 2015 के तहत भारतीय उच्च आयोग मॉरीशस और इस्लामिक सांस्कृतिक केंद्र मॉरीशस के संयुक्त तत्वाधान में रजा लाइब्रेरी की अनमोल इस्लामिक कैलीग्राफी की नुमाइश लगाई गई। नुशाइश का उद्घाटन मॉरीशस के उप प्रधानमंत्री शौकत अली सूदन ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सैयद तारिक अजहर ने मॉरीशस के उप प्रधानमंत्री और हिमांशु सिंह ने मॉरीशस के कला एवं सांस्कृतिक मंत्री को रजा लाइब्रेरी के प्रकाशित किताबें भेंट कीं। उप प्रधानमंत्री शौकत अली सूदन ने कहा कि भारतीय कला संस्कृति ने दुनिया भर में अपनी अमित छाप छोड़ी है।
मॉरीशस के कला एवं सांस्कृतिक मंत्री संतराम बाबू ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से परिपूर्ण राष्ट्र है। उच्चायुक्त अनूप कुमार ने रामपुर रजा लाइब्रेरी को इंडो इस्लामिक शिक्षा और कला का खजाना बताया। उन्होंने रजा लाइब्रेरी के दुर्लभ पांडुलिपियों का भी जिक्र किया। नुमाइश में हजरतअली के हाथों लिखा कुरान भी शामिल था।
लाइब्रेरी के वरिष्ठ तकनीकी रेस्टोरर सैयद तारिक अजहर ने लाइब्रेरी का इतिहास, कला और संस्कृति से रूबरू कराया। इस मौके पर बांग्लादेश उच्च आयोग के उपायुक्त प्रथम पंकज जिंदल और मॉरीशस के तमाम दानिश्वर भी मौजूद रहे। आखिर में हिमांशु सिंह ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया।