रामपुर। चहारदीवारी से निकलकर रजा लाइब्रेरी की पहचान विश्व पटल पर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि रजा लाइब्रेरी विश्व पटल पर जाए और अपनी अलग पहचान स्थापित करे। मंगलवार को रजा लाइब्रेरी पहुंचीं यूपी की राज्यपाल व रामपुर रजा लाइब्रेरी एवं संग्रहालय बोर्ड अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने ये बातें कहीं। उन्होंने रजा लाइब्रेरी एवं संग्रहालय का भ्रमण किया। इसके बाद उनकी अध्यक्षता में पुस्तकालय के विकास और विस्तार के संबंध में समीक्षा बैठक की।
मंगलवार सुबह 9:35 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हामिद मंजिल में प्रवेश किया, जहां निदेशक रजा पुस्तकालय डॉ. पुष्कर मिश्र ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दरबार हॉल में लगाई दुर्लभ पाण्डुलिपियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में रखी पाण्डुलिपियों को लेकर कहा कि कलीला व दिम्ना फारसी भाषा की पाण्डुलिपि की शैली पर बच्चों के लिए पुस्तकालय में एक अनुभाग बनाया जाए। राज्यपाल ने कहा कि पुस्तकालय में रखे ग्रन्थों का अन्य भाषाओं में अनुवाद किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक ज्ञान का संचार हो सके। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन अपनी धरोहर को विश्व प्रसिद्ध बनाने का है, इस संकल्पना को साकार करने के लिए रामपुर रजा लाइब्रेरी का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रजा लाइब्रेरी सिर्फ चहारदीवारी तक ही समिति हो गई है, जिसे विश्व स्तर पर पहचान की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि जिस उद्देश्य से हमारे पूर्वजों ने भव्य स्मारक के रूप में रामपुर रजा लाइब्रेरी का निर्माण कराया था तथा 17000 से ज्यादा पाण्डुलिपि लाइब्रेरी में संरक्षित रखी गई हैं। सभी पाण्डुलिपियों का अनुवाद विभिन्न भाषाओं में किया गया है। उस समृद्ध ज्ञान के भण्डार को विश्व पटल तक पहुंचाने के लिए हमारे प्रयास और विजन की जरूरत है।
राज्यपाल आनंदी बने पटेल ने रला लाइब्रेरी भवन की बहुचर्चित मीनार के बारे में कहा कि इस पर भगवान श्रीराम, पैगंबर मोहम्मद साहब, गुरु नानक तथा यसुमसीह का आशीर्वाद है, जो साैहार्द का प्रतीक है।
राज्यपाल ने रंगमहल के मीटिंग हॉल में समीक्षा बैठक व पुस्तकालय के विकास पर मंथन किया। राज्यपाल ने सभी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा डॉ. पुष्कर मिश्र को निदेशक के रूप में यहां भेजा गया है, उनके अनुसार सभी को कार्य करने होंगे। रजा लाइब्रेरी को संरक्षित रखने के लिए सभी विभागों को महीने के अंत तक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र द्वारा 250 वर्ष पूर्ण होने पर महोत्सव सप्ताह पर आधारित एक डाक्युमेंट्री फिल्म भी दिखायी गई। इस दौरान दिल्ली नैमुद्दीन एडीजी, सीपीडब्लूडी नई दिल्ली, प्रतिनिधि संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश, एसपी रामपुर विद्यासागर मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।